वाट्स एप से आईटीबीपी की परीक्षा का पर्चा आउट हो गया। परीक्षा समाप्त होने के बाद गाजियाबाद पुलिस के सिपाही की शिकायत पर आईटीबीपी के अधिकारी ने मामले में अज्ञात के खिलाफ मुखानी थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस सिपाही सहित पर्चा आउट करने वाले गिरोह की जांच कर रही है।
गाजियाबाद पुलिस का सिपाही संजय सिंह अपने भाई को आईटीबीपी दूरसंचार आरक्षी पद की लिखित परीक्षा दिलाने यहां छोटी मुखानी स्थित स्कूल में बने सेंटर पर लेकर आया था। रविवार दोपहर एक अपरिचित ने सिपाही का मोबाइल नंबर लेकर वाट्स एप पर हल प्रश्नपत्र मंगाया और परीक्षा दे रहे अपने करीबी को वाट्स एप पर भेज दिया। अपरिचित के जाने के बाद सिपाही ने मोबाइल लिया तो हल प्रश्नपत्र देखकर चौंक गया।
सिपाही ने इस मामले की जानकारी आईटीबीपी के जीडी सुरेंद्र सिंह को दी। उस समय परीक्षा समाप्त होने वाली थी। आईटीबीपी के लोकल अधिकारियों ने इस मामले को हल्के में लिया। इस बीच, सिपाही ने आईटीबीपी के आला अधिकारियों से पेपर लीक होने की शिकायत की। उच्चाधिकारियों से निर्देश मिलने पर लोकल अधिकारी सक्रिय हो गए। आईटीबीपी उपसेनानी उमेश बडोला ने वाट्स एप का मैसेज लेने के बाद शाम को मुखानी थाने में तहरीर दी।
पुलिस ने मामले में आईटी अधिनियम 2000 धारा 61 क(ग) और 4/10 उत्तर प्रदेश सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम 1998 के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। मुखानी पुलिस इस मामले में मोबाइल नंबर के आधार पर पर्चा आउट करने वाले गिरोह के साथ सिपाही की भूमिका की भी जांच कर रही है। सवाल यह उठता है कि सिपाही ने किस आधार पर पर्चा आउट करने वाले गिरोह को अपना मोबाइल सौंप दिया। मुखानी पुलिस के अलावा आईटीबीपी भी इस मामले की जांच कर रही है। इधर, स्थानीय अधिकारियों ने आईटीबीपी के क्षेत्रीय कार्यालय बरेली और डीजी कार्यालय दिल्ली को सूचना भेज दी है।