उत्तराखंड के चौपहिया वाहन चुराकर दिल्ली में फर्जी कागजात के जरिए बेचे जा रहे हैं। दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़े हल्द्वानी के शातिर बदमाश नवाब सहित तीन लोगों ने फर्जीबाड़े और चोरियों का खुलासा किया है। पकड़ा गया बदमाश नवाब वारसी अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व पदाधिकारी का करीबी रिश्तेदार बताया जा रहा है।
दिल्ली के आरके पुरम थाने के दरोगा बाबूलाल के मुताबिक पकड़ा गया नवाब वारसी का परिवार वर्तमान में सितारगंज में रह रहा है। इससे पहले वह हल्द्वानी के बनभूलपुरा में रहता था। बदमाश के खिलाफ बुलंदशहर में एक साथ चार लोगों को मारने का आरोप है। 18 नवंबर 2014 को वारसी जमानत पर जेल से छूटा था।
जेल से निकलने के बाद वह अपने गैंग में सक्रिय हो गया। पूछताछ से पता चला कि वह उत्तराखंड से फार्चूनर, स्कार्पियो, हाइवा डंपर, हाइड्रा जैसे वाहनों को गैंग से सदस्यों के मिलकर चोरी करता था और मेरठ, गाजियाबाद स्थित गोपनीय स्थानों पर खड़ा करा देता था। इसके बाद फर्जी कागजात बनवाकर यह गैंग उत्तराखंड के वाहनों को दिल्ली में बेचता था।
एक सधे अंदाज में वाहन चोर दिल्ली में वाहन ऊंचे दामों में बेचते थे। अभी 15 वाहन बरामद हो चुके हैं। इस गैंग में देहरादून का दीपक घिडियाल, किच्छा का आशुतोष भंडारी और गाजियाबाद के माजिद का नाम सामने आया है। दिल्ली पुलिस की तीन टीमें इस मामले में छानबीन करने के लिए नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिले में आई हैं।