फौजी पिता के डांटने पर हाईस्कूल में पढ़ने वाले बेटे ने पीलीकोठी स्थित कमरे में शनिवार रात पंखे से फांसी लगाकर जान दे दी। पिता ने बताया कि उन्होंने पढ़ाई नहीं करने पर बेटे को डांटा था और टीवी देखना भी बंद कर दिया था। इधर, पुलिस की जांच से पता चला कि सौतेली मां के आने से भी बेेटा नाराज था।
मूल रूप से बागेश्वर जिले के कपकोट भराड़ी निवासी फौजी कुंवर सिंह अपने परिवार के साथ पीलीकोठी स्थित मकान मेें किराए पर रहते हैं। उन्होंने अपने बड़े बेटे चंदन सिंह का कक्षा नौ में कुसुमखेड़ा स्थित हरगोविंद सुयाल स्कूल में एडमिशन कराया था। पिता का कहना है कि उनका बेटा क्रिकेट सहित अन्य खेल खेलता था। पढ़ाई नहीं करने पर उन्होंने कमरे में लगे टीवी को उतारकर रख दिया था और उसे डांटा भी था। शनिवार रात खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में सोने चला गया। रविवार सुबह वह कमरे में पंखे से लटका मिला।
उसे फंदे से उतारकर पुलिस को सूचना दी गई। थानाध्यक्ष संजय पांडे ने मौका मुआयना कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस पूछताछ से पता चला कि फौज से रिटायर्ड होने के बाद कुंवर सिंह को डीएससी (डिफेंस सिक्योरिटी कोर) में नौकरी मिल गई थी। उन्होंने पहली पत्नी कलावती कोरंगा को डेढ़ साल पहले छोड़ दिया था। पहली पत्नी से उनके दो बेटे चंदन (15) और नितिन (8) हैं। फौजी ने 27 मार्च 2015 को बागेश्वर के शामालीती निवासी भावना कोरंगा से शादी कर ली थी। बेटे की मौत की सूचना मिलने पर पहली पत्नी पोस्टमार्टम हाउस पहुंची और अपने पति से भिड़ गई। आरोप लगाया कि फौजी ने बेटे को मार डाला है। वह दूसरे बेटे को पति के पास नहीं छोड़ेगी।
बेटे के शव से लिपट गई थी मां
पोस्टमार्टम के बाद बेटे का चेहरा देखकर मां कलावती शव से लिपटकर रोने लगी। परिजनों ने किसी तरह मां को शव से अलग किया। उसने थानाध्यक्ष संजय पांडे से छोटे बच्चे को उन्हें दिलाने का अनुरोध किया। थानाध्यक्ष ने कहा कि कोर्ट के माध्यम से उनका बेटा दिलाया जाएगा। पुलिस को उसने बताया कि बगैर तलाक दिए पति ने दूसरी शादी कर ली। डेढ़ साल से वह दर-दर भटक रही है।