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खनन माफिया के निशाने पर सूखी नदी

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हल्द्वानी। गौलापार सूखी नदी में खनिजों की जमकर लूट हो रही है। वन और पुलिस का ध्यान गौला और सूखी नदी पर है जबकि माफिया सूखी नदी धड़ल्ले से अवैध खनन कर रहे हैं। अवैध खनन के लिए खेतों में रास्ते बनाये गए हैं। यहां भंडारण से लेकर सुनियोजित तरीके से ठिकाने लगाने की व्यवस्था बनाई गई है। इस खेल में राजनीतिक साठगांठ और संरक्षण की चर्चा भी आम है।
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सूखी नदी में खनिज की लूट
अवैध खनन के लिए बनाए गए रास्ते, माफिया ने बनाई खास रणनीति

दो किमी तक केवल पत्थरों का चुगान
पुलिस-प्रशासन और वन विभाग की नजरों से बचने के लिए खनन माफिया ने नया तरीका अपनाया है। सूखी नदी करीब दो किलोमीटर तक पूरी तरह समतल दिखाई देगी। दरअसल, खनन करने वालों ने नदी से बडे़ पत्थरों का चुगान किया है। इसको एक जगह नदी में ही एकत्र किया जाता है। यहां से वाहनों में भरकर पत्थर बाहर भेज दिए जाते हैं। पत्थर उठाने के लिए आसपास के लोगों की ही मदद लेते हैं।

नदी में कई जगह किया गया है खनन
नदी में करीब तीन से चार किलोमीटर बायीं तरफ बढ़ने पर कई जगह अवैध खनन के निशान मिल जाएंगे। कई स्थानों पर उप खनिज की खुदाई की गई है। कुछ स्थानों पर आरबीएम के ढेर भी लगे हैं। जहां आरबीएम इकट्ठे किए गए हैं, वहां से वाहनों के टायरों के निशान हैं। इसके साथ ही इनके निकलने का रास्ता भी बना हुआ है।
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खनन माफिया ने बनाए हैं तीन गेट
नदी में दो तरफ से खनन माफिया ने अवैध खनन के लिए तीन गेट बना रखे हैं। एक गेट पर जाने का रास्ता गांव के भीतर से है। एक नदी के किनारे खेतों से होते हुए और तीसरा रास्ता नदी से होते हुए है। इन रास्तों से ही अवैध खनन होता है। तीनों में से जो मार्ग मुफीद होता है उसी से वाहनों को बाहर भेजा जाता है। हालांकि वन विभाग ने इन गेटों के आगे खाई खुदवाकर बंद करा दिया है।

मुखबिरों ने बिछाया है जाल
सूखी नदी में खनन माफिया ने पुलिस, प्रशासन और वन विभाग के समानांतर मुखबिरों का जाल बिछा रखा है। गौलापार से लेकर नदी तक विभिन्न रास्तों पर मुखबिर रखते हैं। पुलिस, प्रशासन या वन विभाग के वाहनों के आने की सूचना तुरंत खनन करने वालों तक पहुंच जाती है।


सूखी नदी में गांव और नदी के सभी रास्तों को बंद करा दिया गया है। सभी रास्तों पर गहरी खाई खोद दी गई है। सूखी नदी से वाहनों का प्रवेश हो नहीं सकता है। नदी में कोई खनन नहीं हो रहा है। इस क्षेत्र में लगातार गश्त की जा रही है। अगर नदी खनन की जानकारी मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. शालिनी, रेंजर, छकाता रेंज

वन विभाग और निगम ने की गौला नदी में पैमाइश
हल्द्वानी। अवैध खनन की खबरों पर वन महकमा सक्रिय हो गया। वन विभाग और वन निगम की टीम गौला नदी में हो रहे खनन की निगरानी के लिए पहुंच गई। टीम ने शीशमहल के पास नदी में नपत की। यहां पर मानकों से अधिक गहरी खुदाई मिली। अधिकारियों ने खनन करने वालों को सीमांकन के अंदर खनन नियमानुसार खनन करने की हिदायत दी।
अमर उजाला ने शनिवार और रविवार के अंक में अवैध खनन को लेकर लगातार खबर प्रकाशित की है। रविवार को एसडीओ गौला डीएस मर्तोलिया, रेंजर गणेश चंद्र त्रिपाठी, वन निगम के डीएलएम लालकुआं योगेश कुमार श्रीवास्तव और जुगल जोशी की टीम ने गौला नदी का निरीक्षण किया। शीश महल गेट पर मानकों के विपरीत खुदाई की गई थी। इस पर टीम ने मौके पर नपत भी की। गौला रेंजर गणेश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि नपत में कुछ जगह पर मानकों के विपरीत खुदाई मिली। इसकी रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी जाएगी।

अवैध खनन में चार बुग्गियां सीज
हल्द्वानी। वन विभाग की टीम ने अवैध खनन में चार बुग्गियों को सीज कर दिया। रविवार को गौला रेंज की टीम गश्त पर थी। इस दौरान ग्राम गोविंदपुरी में चार लोग बुग्गियों पर अवैध खनन कर रेत ले जाते मिले। टीम ने चारों बुग्गियों को सीज कर दिया। टीम में वन दरोगा शक्ति कुमार पांडेय, वन आरक्षी लाल सिंह शामिल थे।

गौला संघर्ष समिति ने वनाधिकारियों का घेराव किया
हल्द्वानी। गौला खनन संघर्ष समिति ने शीशमहल गेट पर प्रदर्शन किया। समिति सदस्यों ने शीशमहल गेट पर पहुंचे वन विभाग के एसडीओ और वन निगम के डीएलएम का घेराव करते हुए ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर राजेंद्र बिष्ट, रोहित साह, मनीष गौड़, योगेंद्र सिंह, सूरज कुमार, हरीश भंडारी, विजय दानी, अवतार सिंह, लक्खा सिंह, कुंदन नेगी, युगल जोशी, हरीश भगत, करन मेहरा आदि थे।
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