हल्द्वानी। काफी खोजबीन के बावजूद तीन साल से लापता मजदूर का पता नहीं चल सका है। आरोप है कि तीन लोगों ने मिलकर मजदूर को मार डाला है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस दो लोगों से पूछताछ कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर पुलिस सख्ती बरते तो इस घटना का शीघ्र खुलासा हो सकता है।
पड़ोसियों से विवाद होने के बाद टांडा भोर खत्ता निवासी मजदूर किशन उर्फ कल्लू (30) 28 अक्तूबर 2015 को लापता हो गया था। परिजनों ने तभी पुलिस से शिकायत की लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इन दिनों बीच कुछ लोगों में चर्चा फैली कि आपसी रंजिश के कारण तीन लोगों ने कल्लू को मार दिया है। उसके शव को टांडा जंगल में ठिकाने लगाया गया था। परिजनों को बातचीत का एक ऑडियो भी मिला है। इस मामले में कुछ साक्ष्य मिलने पर परिजनों ने कोतवाली पुलिस से दो बार जांच की गुहार लगाई तो पुलिस दो संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर रही है। परिजनों का दावा है कि यदि पुलिस पूछताछ कर टांडा जंगल में आरोपियों की निशानदेही पर खुदाई कराए तो घटना का खुलासा हो सकता है। टीपीनगर पुलिस चौकी प्रभारी अजेंद्र कुमार का कहना है कि पुलिस घटना की जांच कर रही है। सबूत मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।