हल्द्वानी। पूनम हत्याकांड को लेकर एसओजी और पुलिस की टीमें अपने अपने ढंग से काम कर रही हैं लेकिन घटना के 28 दिनों बाद जांच का नतीजा कुछ नहीं निकल सका। पुलिस अधिकारी यह बताने को तैयार नहीं है कि पूनम की हत्या किन कारणों के चलते हुई थी।
गोरापड़ाव हरिपुरपूर्णानंद निवासी पूनम पांडे की बदमाशों ने 27 अगस्त की रात घर में घुसकर हत्या कर दी थी। मौके पर पूनम की बेटी अर्शा को बदमाशों ने हमला कर अधमरा कर दिया था। घटना के बाद आईजी कानून व्यवस्था ने 18 टीमें लगा दी थी। पुलिस ने लूटी गई स्कूटी बरामद किया। सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध की फोटो मिली लेकिन अदालत के निर्देश पर एसआईटी गठित की गई। एसआईटी के डीआईजी ने कमान संभालने के बाद टीम गठित की। पुलिस टीमें यूपी, राजस्थान और मध्य प्रदेश भेजी गई। इधर जिला पुलिस के अधिकारियों ने लगातार बैठकें की। एसओजी ने दुबारा नंबरों की जांच शुरू की लेकिन नतीजा शून्य निकला। एसएसपी से लेकर अन्य अधिकारी घटना का कोई ठोस आधार तक ढूंढने में विफल रहे हैं।