पक्ष में थाने पहुंचीं महिलाएं।
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संभल। हलाला और तीन तलाक की पीड़िता पर रविवार को हुई तेजाबी हमले की घटना में सोमवार को नया मोड़ आ गया। पुलिस की जांच में यह घटना झूठी पाई गई है। ये जानकारी पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने संभल कोतवाली में आयोजित प्रेसवार्ता में दी। इस दौरान उनके साथ मौजूद पीड़िता के भाई ने बताया कि बुलंदशहर की घटना को अखबार में पढ़ने के बाद उसके मन में आया कि तेजाब के हमले की घटना दिखा दी जाए तो पुलिस पर कार्रवाई के लिए दबाव बनेगा और उसकी बहन को तीन तलाक देकर पीड़ित करने वाले ससुराली गिरफ्तार हो जाएंगे।
मुरादाबाद जिले के मैनाठेर थाना क्षेत्र की एक युवती का निकाह 7 दिसंबर 2015 को संभल जिले के नखासा थाना क्षेत्र में स्थित एक गांव में हुआ था। वह अपनी ससुराल में दो माह 24 दिन रही। इसके बाद युवती ने ससुरालियों पर दहेज के लिए उत्पीड़न और बलात्कार की रिपोर्ट मुरादाबाद के महिला थाने में दर्ज करा दी। पुलिस ने इसमें चार्जशीट दाखिल की लेकिन बाद में एक अधिकारी मध्यस्थता से समझौता हो गया। युवती फिर से ससुराल आ गई। ससुराल में रहते हुए युवती ने ससुरालियों पर बंधक बनाकर रखने का आरोप लगाया। पुलिस ने उसे ससुराल से मायके भेज दिया। इसके बाद उसने ससुर पर हलाला तथा पति पर गलत काम करने आरोप लगाते हुए 1 सितंबर 2018 को 376 डी के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई। इसी मामले में महिला और उसके परिजन गिरफ्तारी चाहते थे। गिरफ्तारी में देरी होने पर तेजाब से हमले की साजिश रची गई। यह खुलासा पुलिस अधीक्षक ने किया तो उसका समर्थन पीड़िता के भाई ने किया। उसने बताया कि बुलंदशहर की एक हलाला पीड़िता पर तेजाब से हमले की घटना हुई तो वहां की पुलिस ने आननफानन गिरफ्तारी की। उसी से लगा कि यदि वह ऐसी घटना को अंजाम दें तो तत्काल गिरफ्तारी होगी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सीआरपीसी की धारा 182 के तहत अदालत में रिपोर्ट भेजी जाएगी। ताकि फर्जी केस दर्ज कराने की साजिश करने वाले सभी लोगों पर कार्रवाई हो सके।
पीड़िता के भाई का बयान
संभल। पीड़िता के भाई ने बताया कि वह 22 सितंबर को बहन पर तेजाब के हमले की झूठी घटना को दर्शाना चाहता था लेकिन तबीयत खराब हो गई। इसलिए घटना को 23 सितंबर को वाजिदपुरम के पास अंजाम दिया गया। पीड़िता के भाई का कहना है कि वह अपने घर के ट्रैक्टर की बैट्री से तेजाब लाया था। तेजाब को हल्का कर दिया था ताकि ज्यादा असर न हो।
ऐसे खुला मामला
पुलिस क्षेत्राधिकारी सुदेश कुमार ने बताया कि पीड़िता के भाई ने पुलिस को खबर दी थी कि वह हयातगनर से अपने बहनोई के घर से बाइक पर सवार होकर मैनाठेर थाना क्षेत्र स्थित अपने गांव जा रहे थे। राजबते में बाइक सवार ममिया ससुर और जेठ ने उन पर तथा उनकी बहन पर तेजाब फेंका लेकिन जब घटना की तहकीकात करने वह हयातनगर पहुंचे तो एक मासूम ने बताया कि यह लोग बाइक से नहीं कार गए थे। यहीं से शक गहराया। जांच में मामला खुलता चला गया। पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने यह चेक कराया कि घटना के वक्त नामजद आरोपियों की लोकेशन कहां थी? कॉल डिलेल निकलवाई गई तो पता लगा कि आरोपियों की लोकेशन घटना के समय घटना स्थल से 7-8 किलोमीटर दूर थी।