हल्द्वानी। विकासखंड सभागार में सेवानिवृत्त और सेवारत अर्धसैनिक बलों के चुनाव के दौरान दो पक्षों में तनातनी हो गई। हालात अनियंत्रित होने पर मुखानी पुलिस को मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा। विरोध के चलते चुनाव नहीं हो सका और बैठक समाप्त कर दी गई।
सेवानिवृत्त और सेवारत अर्धसैनिक बल परिवार कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा समिति के अध्यक्ष लोकमणि जोशी ने ब्लॉक सभागार में द्विवार्षिक चुनाव के लिए बैठक बुलाई थी। बैठक शुरू होने के कुछ देर बाद दरबान सिंह बोहरा ने खुद को पदाधिकारी बताते हुए समर्थकों के साथ सभागार में पहुंच गए। इसके बाद मंच से लोकमणि जोशी, सचिव केसी पंत और अन्य पदाधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। इस बीच लोकमणि जोशी और सचिव केसी पंत ने मुखानी पुलिस से शिकायत की।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली। इस बीच केसी पंत और समिति के संरक्षक के बीडी उपाध्याय ने बैठक को संबोधित करने की कोशिश की, लेकिन विरोध के चलते संबोधन नहीं हो सका। अंत में चुनाव की प्रक्रिया संपन्न नहीं हो सकी और बैठक समाप्त हो गई। बैठक में आनंद सिंह, लटवाल, मदन सिंह डसीला, एचसी जोशी, एनसी पंत, जगदीश परगाई, गोपाल भट्ट, एमसी भट्ट, आनंद लोहनी, विशन गिरी आदि मौजूद थे।
हारने के बाद विघ्न डालने का आरोप
समिति के सचिव केसी पंत ने बताया कि दरबान सिंह बोहरा संगठन से निकाले गए हैं। इसके अलावा हाईकोर्ट, एसडीएम और रजिस्ट्रार के समक्ष अपील करने पर दरबान हार गए। कमिश्नर ने भी उनके प्रार्थनापत्र को खारिज कर दिया। फिर भी बैठक और चुनाव में विघ्न डालने पहुंच गए।
समिति पर लगाए गंभीर आरोप
खुद को समिति का अध्यक्ष होने का दावा करते हुए दरबान सिंह बोहरा ने आरोप लगाया कि वह बैठक में विवाद का हल ढूंढने गए थे लेकिन विवाद बढ़ गया। आरोप लगाया कि नैनीताल बैंक में जमा छह लाख रुपये उनके कोषाध्यक्ष कार्यकाल में जमा हुए थे। कोषाध्यक्ष के अच्छे कार्यकाल को देखते हुए उनको अध्यक्ष बनाया गया। आरोप लगाया कि लोकमणि जोशी की समिति पैसे का दुरुपयोग कर रही है लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।