नैनीताल। दिल्ली के मंडोली गांव निवासी महिला पर्यटक तमन्ना के हत्यारोपी पति मो. सद्दाम को एक माह छह दिन बाद बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। सीओ सिटी ने आरोपी से तल्लीताल थाने में घंटों पूछताछ की। उसे साथ लेकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
दिल्ली के मंडोली गांव निवासी तमन्ना की 15 जनवरी को भूमियाधार के पास पहाड़ी से गिरकर मौत हो गई थी। नोएडा के अट्टा गांव निवासी पति मो. सद्दाम ने बताया था कि तमन्ना पानी की बोतल उठाने के चक्कर में पहाड़ी से नीचे गिर गई और जिला अस्पताल में उसकी मौत हो गई। अगले दिन 16 जनवरी को तमन्ना के परिजन नैनीताल पहुंचे। शाम को भाई आसिफ ने पति सद्दाम के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। तब से पुलिस सबूत न होने की बात कहकर आरोपी की गिरफ्तारी से बच रही थी। तमन्ना के परिजनों ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस की थी। इसमें उन्होंने पुलिस पर जानबूझकर आरोपी को बचाने का आरोप लगाया था। सीओ सिटी विजय थापा ने आरोपी को बयान देने के लिए बृहस्पतिवार को पुलिस दफ्तर बुलाया। आरोपी शाम को मामा के साथ थाने पहुंचा तो उसे हिरासत में ले लिया और पूछताछ के बाद शुक्रवार सुबह आरोपी का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया। सीओ सिटी विजय थापा, इंस्पेक्टर मल्लीताल विपिन चंद्र पंत, एसओ तल्लीताल आरोपी को लेकर भूमियाधार के पास घटनास्थल पहुंचे। घटना स्थल पर पुलिस ने उससे तमन्ना के गिरने की जगह, टैक्सी के खड़े होने की जगह आदि के बारे में पूछताछ की, जिसकी वीडियोग्राफी कराई गई। इस दौरान आरोपी रास्ते में दो जगह यह कहकर रुका कि उसे उल्टी आ रही है। बाद में आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया है।
बयान देने के लिए आरोपी मामा के साथ आया था थाने, पुलिस ने भेजा जेल
तल्लीताल थाने में सीओ ने की पूछताछ, घटनास्थल का निरीक्षण भी किया
दहेज की मांग के आरोपों को माना पुख्ता सुबूत
नैनीताल। तमन्ना की मौत के महीने भर के बाद पुलिस आरोपी के खिलाफ सबूत नहीं होने की बात कहकर गिरफ्तारी टालती रही। लंबे समय तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट तक उजागर नहीं की गई, आरोपी पति, कार चालक से पूछताछ तक करना मुनासिब नहीं समझा गया। सद्दाम की मोबाइल कॉल डिटेल भी नहीं निकलवाई गई। अमर उजाला ने जब एक -एक करके तमन्ना की मौत से जुड़े रहस्यों को उजागर करना शुरू किया तो हत्या का शक गहराता चला गया। यही वजह रही कि पहले सबूत नहीं मिलने की बात कह रही पुलिस ने बाद में आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत होने की बात कहकर उसे गिरफ्तार कर लिया। दहेज मांगने का आरोप सबसे बड़ा सबूत माना गया है।
तमन्ना की मौत के अगले दिन परिजनों ने पुलिस से पोस्टमार्टम रिपोर्ट मांगी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दी। परिजन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के लिए भटक रहे थे इसी बीच 26 जनवरी को अमर उजाला ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का खुलासा कर दिया। इससे पता चला कि तमन्ना के शरीर पर कहीं खरोंच तक नहीं थी, जबकि गर्दन की दो सबसे मजबूत हड्डियां टूटी पाई गई थीं, जिसकी वजह से उसकी मौत हुई। ऐसे में हत्या की आशंका को बल मिला। इसके बाद अमर उजाला ने पोस्टमार्टम करने वाले जिला अस्पताल के डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही उजागर की। बताया कि डॉक्टरों ने इतने संवेदनशील मामले की जांच के लिए विसरा सुरक्षित नहीं रखा है, जबकि यह जरूरी था। आरोपी का नैनीताल कनेक्शन तलाशने के लिए पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल निकलवाने में भी रुचि नहीं दिखाई। तमन्ना, सद्दाम को भूमियाधार तक ले जाने वाले चालक से भी पूछताछ नहीं करने पुलिस की कार्यशैली पर कई सवाल उठे। हालांकि बाद में पुलिस ने परिजनों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी सौंपी और परिजनों के दहेज हत्या की तहरीर को सच मानते हुए आरोपी को गिरफ्तार भी किया। विवेचक सीओ थापा ने बताया कि दहेज की मांग समेत अन्य सबूत भी जुटाए गए हैं।