नैनीताल। एनएच 74 भूमि मुआवजा घोटाले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण कुमकुम रानी की कोर्ट में एसडीएम तहसीलदार समेत 12 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। कोर्ट ने सभी आरोपियों को शनिवार को पेशी के लिए तलब कर लिया है। एसआईटी को 211.85 करोड़ रुपये के घोटाले के पुख्ता सबूत मिले हैं।
एनएच 74 भूमि घोटाले में धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद एसआईटी ने 15 लोगों को जेल भेजा है। शुक्रवार को जांच टीम ने 12 आरोपियों के खिलाफ जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कुमकुम रानी के कोर्ट में तत्कालीन एसडीएम भगत सिंह फोनिया, किसान चरण सिंह, ओमप्रकाश, भू अध्याप्ति अधिकारी ऊधमसिंह नगर दिनेश प्रताप सिंह, संग्रह अमीन अनिल कुमार, एसडीएम के पेशकार विकास चौहान, संजय कुमार, स्टांप विक्रेता काशीपुर जीशान, काशीपुर के तहसीलदार मदन मोहन, तहसीलदार जसपुर भोलेलाल, डाटा इंट्री ऑपरेटर अर्पण कुमार, अनुसेवक तहसील जसपुर राम समुज समेत 12 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार ने बताया कि कोर्ट ने शनिवार को सभी आरोपियों को पेशी के लिए कोर्ट में तलब कर लिया है। गिरफ्तार किए गए तीन अन्य सह आरोपी तहसीलदार मोहन सिंह, परगना मजिस्ट्रेट अनिल शुक्ला, पेशकार संत राम के खिलाफ एसआईटी की जांच जारी है। एसआईटी को 211.85 करोड़ रुपये के घोटाले के पुख्ता सबूत मिले हैं। एसआईटी कई गवाहों के 164 के बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज करवा चुकी है।