हल्द्वानी। भीमताल में सड़क हादसे के शिकार सेवानिवृत्त फौजी इंदर सिंह अपनी मां का इलाज कराने के लिए धारचूला से हल्द्वानी आ रहे थे। किसी को क्या पता था कि मां-बेटे काल के गाल में समा जाएंगे। एक ही परिवार के तीन-तीन मौतों से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
पिथौरागढ़ जिले के फूलतड़ी धारचूला निवासी फौजी केशर सिंह चैसर ने बताया कि उनके बड़े भाई इंदर सिंह रानीखेत सात कुमाऊं रेजीमेंट से 28 फरवरी को सेवानिवृत हुए थे। मां गंगा देवी का इलाज कराने के लिए वह बेटी ज्योति के साथ धारचूला से हल्द्वानी के लिए निकले थे लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था। इंदर सिंह का बड़ा बेटा ललित चैसर चमोली से बीटेक कर रहा है। हादसे की शिकार ज्योति बीए कर रही थी। छोटा बेटा दीपक केंद्रीय विद्यालय में 11वीं का छात्र है। परिवार के लोग तीनों शवों को लेकर गांव चले गए।
मालवाहक वाहन से आया बेटी का शव
मोर्चरी में तैनात डॉक्टर और अन्य कर्मचारी इंदर सिंह और उनकी मां गंगा देवी के शवों का दोपहर 12 बजे पोस्टमार्टम कर ज्योति के शव का इंतजार कर रहे थे। ज्योति की भीमताल क्षेत्र में मौत हो गई थी। पौने दो बजे भीमताल से शव एक मालवाहक वाहन से लाया गया। पुलिसकर्मियों ने बताया कि एंबुलेंस खराब हो गई थी। इसी कारण शव को मालवाहक से लाना पड़ा।