रामनगर (नैनीताल)। अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र पाने के लिए एक युवक ने अपनी जाति ही बदल दी और जाति प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कर दिया। ऑनलाइन हुए आवेदन की जांच जब राजस्व उपनिरीक्षक ने की तो आवेदन पत्र के साथ लगाए गए साक्ष्य फर्जी पाए गए। इसलिए उसका आवेदन को निरस्त कर दिया।
रेलवेपड़ाव भवानीगंज निवासी युवक ने तहसील में अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। उक्त आवेदन संबंधी पत्रावली जांच के लिए राजस्व उपनिरीक्षक तारा चंद्र घिल्डियाल को मिली। राजस्व उपनिरीक्षक ने जाति के साक्ष्य स्वरूप आदर्श राजकीय प्राथमिक विद्यालय बंबाघेर के प्रस्थान प्रमाण पत्र (टीसी) की जांच की तो पाया कि उसमें अंकित जाति संबंधी बिंदु पर सफेदा लगाकर क्षत्रिय के स्थान पर शिल्पकार अंकित किया गया है जबकि स्कूल के अभिलेखों में उसकी जाति क्षत्रिय अंकित है। जांच के बाद राजस्व उपनिरीक्षक ने तहसीलदार को रिपोर्ट भेज दी। तहसीलदार ने इस आवेदन को निरस्त कर दिया।
अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र पाने को बदल दी जाति
राजस्व उपनिरीक्षक की जांच में फर्जी निकला साक्ष्य
फर्जीवाड़ा करने वाले आवेदक पर हो सकती है कार्रवाई
अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र पाने के लिए आवेदक ने फर्जी दस्तावेज लगाए हैं। इसलिए जांच के बाद आवेदन पत्र निरस्त कर दिया गया है। कानूनी कार्रवाई के लिए उपजिला शासकीय अधिवक्ता से विधिक राय ली है। विधिक राय के आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी।
- प्रियंका रानी, तहसीलदार, रामनगर।