नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय में पकड़ी गईं फर्जी मार्कशीट में दक्षिण भारत, मुंबई, पंजाब, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के छात्रों के नाम हैं। परीक्षार्थियों के नाम और जातियों से पता चल रहा है कि यह छात्र कई राज्यों के निवासी हैं। ऐसे में कई अन्य राज्य और विश्वविद्यालय इस जालसाजी की चपेट में होने की आशंका है। जालसाजों के तार पंजाब या दिल्ली से जुड़े हो सकते हैं।
फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर कुमाऊं विवि प्रशासन ने बड़ी संख्या में फर्जी मार्कशीटों का भंडाफोड़ होने की आशंका जताई है। फर्जी मार्कशीट का इस्तेमाल करने वाले छात्रों का पता लेने के लिए विवि कनाडा की सत्यापन संस्था वर्ल्ड एजूकेशन सर्विस (डब्ल्यूईएस) से संपर्क कर रहा है। शुक्रवार को भी तीन और फर्जी मार्कशीट विवि प्रशासन की पकड़ में आईं हैं। प्रकरण में जल्द ही मुकदमा दर्ज होने की बात विवि की ओर से कही जा रही है। 15 से ज्यादा छात्रों ने विभिन्न संस्थाओं में कुमाऊं विवि की फर्जी मार्कशीट का प्रयोग किया है। पिछले दिनों यह मार्कशीटें सत्यापन के लिए कनाडा की संस्था डब्ल्यूईएस ने कुमाऊं विवि को भेजीं। सत्यापन के दौरान विवि ने पाया कि मार्कशीट फर्जी हैं। जिस फॉर्मेट पर मार्कशीट बनाई गई है वह विवि का है ही नहीं।
कई राज्य और विश्वविद्यालय फर्जीवाड़े की चपेट में
कुमाऊं विवि में फर्जी मार्कशीट बरामदगी का नया खुलासा
अलग-अलग राज्यों के छात्रों की बनाईं गईं हैं मार्कशीट
मुंबई के बीएड कॉलेज से पकड़ में आ सकता है रैकेट
जालसाजों को पकड़ने में मुंबई की तिलक एजूकेशन सोसायटी मददगार हो सकती है। विवि प्रशासन के पास तिलक एजूकेशन सोसायटी मुंबई की ओर से एक छात्र की एमए हिंदी की मार्कशीट सत्यापन के लिए आई है। अब विवि इस कॉलेज से उस छात्र का नाम, पता जुटा रहा है। उम्मीद है कि यही नाम, पता पुलिस की जांच में अहम रोल अदा करेगा। छात्र तक पहुंचने के बाद पुलिस फर्जी मार्कशीट बनाने वाले रैकेट का पता लगा पाएगी।
कोई एक एजेंसी बना रही है मार्कशीट
विवि प्रशासन आशंका जता रहा है कि इस फर्जीवाड़े के पीछे कोई एक एजेंसी काम कर रही है। फर्जी मार्कशीट का उपयोग करने वाले विद्यार्थी किसी तरह एजेंसी के संपर्क में आ रहे हैं। एजेंसी इन्हें फर्जी मार्कशीट बनाकर दे रही है। विवि की पकड़ में आईं मार्कशीटें कई संस्थानों में उपयोग की गईं हैं, लेकिन सभी मार्कशीट का फॉर्मेट एक सा ही है।
विवि में 12 फर्जी मार्कशीट पकड़ में आ चुकी हैं। हम कनाडा की डब्ल्यूईएस संस्था से छात्रों का पता ले रहे हैं। इसके बाद रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। कई अन्य विश्वविद्यालय भी इस फर्जीवाड़े की चपेट में हो सकते हैं।
- प्रो. डीके नौड़ियाल, कुलपति, कुमाऊं विवि
मुंबई के एक बीएड कॉलेज की ओर से भेजी गई फर्जी मार्कशीट शुक्रवार को पकड़ में आई है। हम उस बीएड कॉलेज प्रबंधन से भी संपर्क कर रहे हैं। संभव है कि मुंबई का यह कॉलेज जालसाजी करने वाले रैकेट तक पहुंचने में मददगार साबित हो।
- प्रो. संजय पंत, परीक्षा नियंत्रक, कुमाऊं विवि