हल्द्वाली। शासन ने चिकित्सा कर्मियों (कोरोना वॉरियर्स) को प्रोत्साहन राशि देेने की बात कही थी, लेकिन कुमाऊं के सबसे बड़े सरकारी सुशीला तिवारी अस्पताल के डॉक्टरों को आज तक प्रोत्साहन राशि नहीं मिल सकी है। यह राशि कब जारी होगी? इसके बारे में सटीक तौर कालेज प्रबंधन को भी कुछ नहीं पता है।
पूरे प्रदेश में सबसे पहले कोरोना की जांच सुविधा मेडिकल कालेज में शुरू की गई। इसके अलावा कुमाऊं में मरीजों की भर्ती और इलाज की सुविधा मेडिकल कालेज के अधीन सुशीला तिवारी अस्पताल में शुरू हुई। बाद में रोगियों की संख्या बढ़ने पर जनरल बीसी जोशी कोविड अस्पताल बनाया गया तो यहां की जिम्मेदारी भी एसटीएच के डॉक्टरों को दी गई। ब्रद्रीपुरा स्टेडियम के अस्पताल संचालन में भी मेडिकल कालेज के डॉक्टरों की मदद ली गई थी।
बाद में शासन ने कोराना वारियर्स को प्रोत्साहन राशि देेने की घोषणा की थी, इसके तहत मेडिकल कालेज के तकनीकी कर्मचारी, लिपिक, नर्सिंग स्टाफ आदि को प्रोत्साहन राशि पिछले साल ही दे दी गई है, लेकिन डॉक्टरों को आज तक यह राशि नहीं दी गई है। जबकि अस्पताल में फैकल्टी, सीनियर रेजीडेंट, इमरजेंसी मेडिकल अफसर आदि पदों पर डॉक्टर तैनात हैं।
मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी का कहना है कि डॉक्टरों को अभी प्रोत्साहन राशि नहीं जारी नहीं हो सकी है, अन्य स्टाफ को यह राशि दी जा चुकी है। इस संबंध में शासन से दिशा- निर्देश मिलेंगे, उसी के तहत आगे कार्य किया जाएगा।