नैनीताल। हाईकोर्ट ने पेयजल निगम में हुए भ्रष्टाचार के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद एमडी सहित अन्य को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। देहरादून निवासी मुकेश कुमार ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि एमडी पेयजल निगम भजन सिंह ने कई सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार किया है, इसलिए उनकी नियुक्ति को निरस्त किया जाए। याचिकाकर्ता का यह भी कहना था कि पेयजल निगम के एमडी ने नियम विरुद्ध तरीके से अपने चेहतों को टेंडर आवंटित किए हैं। इसके चलते सरकार को सौ करोड़ रुपये से अधिक की राजस्व हानि हुई है।
आरोप है कि एमडी ने नमामि गंगे प्रोजेक्ट की धनराशि में से अपने घर के लिए पौधों आदि की खरीद की है। याचिकाकर्ता ने इस प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की मांग की थी। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एमडी सहित अन्य को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।