नैनीताल। घर-घर कूड़ा कलेक्शन व स्ट्रीट लाइट की समस्या, टेंडर में अनियमितता व कूड़ादान खरीद में भ्रष्टाचार आदि बिंदुओं पर आक्रोश व्यक्त करते हुए सभासद सोमवार को कार्यालय परिसर के प्रवेश द्वार धरने पर बैठ गए। जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि मांगें न मानने तक उनका धरना जारी रहेगा।
पालिका में चल रहे मतभेद फिर से खुलकर सामने आ गए हैं। समय-समय पर पालिका की कार्यप्रणाली और पालिकाध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले सभासदों ने सोमवार से विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों में जीतेंद्र पांडे जीनू, भगवत बोरा, अंकित चंद्रा, मनोज जगाती, सुरेंद्र कुमार, पूरन सिंह बिष्ट, राकेश पवार आदि रहे। नगर पालिकाध्यक्ष डॉ. सरस्वती खेतवाल का कहना है कि समयावधि बढ़ाने के बाद लेक ब्रिज की निविदा निकाली गई और निर्धारित समयावधि में तकनीकी निविदा भी खोली गई। तब तक किसी ने आपत्ति दर्ज नहीं की। अब वित्तीय निविदा खोलने के दौरान सभासदों ने विरोध किया। डोर-टू-डोर कूड़े की निविदा भी विचाराधीन है। वह पालिका की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए कार्य कर रही हैं। इस बीच अधिशासी अधिकारी रोहिताश शर्मा ने तीन दिवसीय अवकाश के लिए आवेदन किया है।
ये हैं प्रमुख मांगें और विवाद की वजह
- नगर की सफाई व कूड़ा निस्तारण समस्या का हल हो।
- नगर की लचर प्रकाश व्यवस्था में सुधार किया जाए।
- बिना बोर्ड में पास किए वित्तीय निविदाएं कैसे आमंत्रित कीं।
- लेक ब्रिज की समयावधि कैसे और किस नियम से बढ़ाई गई।
- प्रत्येक वार्ड में चार पर्यावरण मित्र न देने पर रोष।
- नगर पालिका सभासदों के लिए कक्ष की मांग।
- एक सप्ताह में बोर्ड बैठक कराने की मांग।
- आवश्यकता के अनुरूप कूड़ा वाहनों की खरीद हो।