रायल्टी में पांच गुना वृद्धि के विरोध में राजकीय ठेकेदारों ने मंगलवार से सरकारी निर्माण कार्यों का बहिष्कार शुरू कर दिया और मौके पर जाकर निर्माण कार्य बंद कराए। ठेकेदार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सीधे हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
रायल्टी में पांच गुना वृद्धि करने से भड़के राजकीय ठेकेदारों ने कांट्रेक्टर वेलफेयर सोसायटी के बैनर तले मंगलवार से सरकारी निर्माण कार्यों का बहिष्कार शुरू कर दिया है। गुस्साए ठेकेदारों ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों को भी मौके पर पहुंचकर बंद करा दिया। उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि इस मुद्दे पर अब वह सीधे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का हस्तक्षेप चाहते हैं, क्योंकि अफसरशाही सीएम तक ठेकेदारों की पीढ़ा नहीं पहुंचा रही है। अधिकारी सरकार को गलत सूचनाएं देकर भ्रमित करने में लगे हुए हैं।
सरकारी ठेकेदार पिछले कई दिनों से रायल्टी बढ़ाने के विरोध में यहां बुद्ध पार्क में सांकेतिक धरने पर बैठे हुए हैं। कई दिनों बाद भी जब सरकार ने उनकी मांगों पर गौर नहीं किया तो मंगलवार को ठेकेदार भड़क उठे। उन्होंने आज से ही सरकारी निर्माण कार्यों का पूरी तरह से बहिष्कार करने की चेतावनी दी। ठेकेदारों ने अपनी अपनी साइटों पर काम नहीं कराया। इसी दौरान उन्हें पता चला कि अमृतपुर-काठगोदाम बाइपास निर्माण समेत शहर में कुछ और जगह सरकारी निर्माण कार्य हो रहे हैं। सूचना मिलते ही ठेकेदारों के दल ने पहले नवाबी रोड पहुंचकर वहां चल रहे सीवर लाइन बिछाने के काम को रुकवाया और उसके बाद काठगोदाम-अमृतपुर बाईपास स्थल पहुंचकर वहां काम रुकवा दिया। ठेकेदारों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
बुद्ध पार्क में धरने में बैठने वालों और अलग अलग साइटों पर पहुंचकर काम बंद कराने वालों में सोसायटी के अध्यक्ष योगेश तिवारी, सचिव कैलाश साह, आशीष बिष्ट, नरेश पनेरू, गिरीश मेहरा, महेंद्र सिंह धौनी, गौरव सिंगवाल, उमेश जोशी, हनीफ भाई, खिमेश पनेरू, बालम बिष्ट, नारायण अधिकारी, घनश्याम पाठक, नवीन मिश्रा आदि शामिल थे।
नहर कवरिंग, सीवर और पेयजल के काम होंगे प्रभावित
पांच गुना रायल्टी देंगे तो कैसे पालेंगे परिवार
कांट्रेक्टर वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष योगेश तिवारी व सचिव कैलाश साह का कहना है कि पिछले वर्षों के दौरान ठेकेदारी का धंधा कम मुनाफे वाला रह गया है। ऐसे में अब सरकार अब ठेकेदारों से पांच गुना रायल्टी वसूल रही है। उन्होंने कहा कि पहले से ही वह 12 फीसदी रायल्टी, 18 फीसदी जीएसटी और एक फीसदी लेबर सेस का भुगतान कर रहे हैं। अब उसी रायल्टी को पांच गुना बढ़ा दिया गया है। ऐसे में अब वह यह दे देंगे तो परिवार का पालन कैसे करेंगे।
एक साइट से दूसरी साइट पर नहीं ले जा सकते निर्माण सामग्री
काम ठेकेदार का, रायल्टी गाड़ी मालिक के नाम से
कांट्रेक्टर वेलफेयर सोसायटी के पदाधिकारियों ने बताया कि जब वह गौला नदी से खनन सामग्री मंगाते हैं तो वहां से खनन सामग्री की रायल्टी वाहन स्वामी के नाम से कटती है। जबकि पूर्व के वर्षों में रायल्टी ठेकेदार के नाम से कटती थी। पदाधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था के लागू होने के बाद से ठेकेदारों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ठेकेदारों के कार्य बहिष्कार से कौन कौन से सरकारी निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं, इस संबंध में कार्यदायी संस्थाओं से जानकारी मांगी जाएगी। ठेकेदारों की मांगों के संबंध में शासन स्तर पर संबंधित अधिकारियों से वार्ता की जाएगी, ताकि काम प्रभावित न हों। - ललित मोहन रयाल जिलाधिकारी नैनीताल।