आठ महीनों तक लोग मिलावटी और अधोमानक की श्रेणी वाला तेल, खोया, दही खाते रहे। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की प्रयोगशाला में ऐसे खाद्य पदार्थाें के सैंपल जांच में फेल हो गए हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि लंबे समय बाद मिली जांच रिपोर्ट के कारण जनस्वास्थ्य से कब तक खिलवाड़ होता रहेगा। इन मामलों में विभागीय अधिकारी संबंधित फर्म को जांच रिपोर्ट भेज रहे हैं। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार 23 फरवरी को शहर के मीरा मार्ग स्थित दुकान से एक नामी कंपनी के कच्ची धानी सरसों के तेल का सैंपल लिया गया था। यह तेल पैक्ड बिक रहा था। जांच में तेल में दूसरी फर्म का तेल मिक्स मिला है, जबकि इस तेल की बिक्री अभी जारी है। इसी तरह दो फरवरी को ही रामनगर के खपराड़ स्थित रिजॉर्ट से खुले दही का सैंपल भरा था, इसमें फेट कम मिला है। हल्द्वानी से 27 फरवरी को लिए गए खोया के सैंपल भी फेल हो गया है। इसमें सॉलिड नॉट फेट कम मिला। इसी तरह हल्द्वानी से तिल के तेल के सैंपल के जांच रिपोर्ट फेल मिली है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार जो रिपोर्ट प्राप्त हुई हैं, उनमें स्वास्थ्य के लिए हानिकारक जैसा कोई पदार्थ नहीं मिला है। संंबंधित फर्म और दुकानदार को जांच रिपोर्ट भेजी जा रही है। संतुष्ट न होने पर संबंधित व्यक्ति सेंट्रल लैब से जांच करा सकता है।
कोट-
पूर्व में जिले में खाद्य पदार्थों की सैंपलिंग की गई थी, उनकी रिपोर्टर बुधवार को प्राप्त हुई है। इनमें चार सैंपल अधोमानक मिले हैं। संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
-अजब सिंह रावत, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा विभाग
इंसेट === फॉलोअप-
रामपुर रोड पर दुकान से भरा बंगाली मिठाई का सैंपल
हल्द्वानी।
रामपुर रोड पर नामचीन स्वीट्स शॉप में मिठाई में कीड़े नजर आने का मामला सुर्खियों में आने के बाद बुधवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने दुकान से छेने से बनी बंगाली मिठाई का सैंपल भरा। गौरतलब है कि मंगलवार की शाम दुकान में मिठाई खरीदने पहुंचने कार सवार लोगों से मिठाई में कीड़े पड़े होने के मामले में बहसबाजी हुई थी। वहां मौजूद ग्राहकों ने भी इस पर नाराजगी जताई। कुछ लोगों ने इसका वीडियो भी बना लिया। आरोप था कि लाॅज और कलाकंद में कीड़े हैं। इस बीच शॉप स्वामी ने बताया कि ड्राईफ्रूट वाली मिठाई में एक-दो काजू फंगस लगे मिल गए थे, इसी से भ्रम की स्थिति पैदा हुई, अब इस मिठाई को हटा दिया गया है।
वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभय कुमार सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आने पर दुकान से मिठाई का सैंपल लिया गया है। चेकिंग के दौरान शॉप में किसी भी तरह की दूषित मिठाई नहीं मिली।
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पांच लाख तक है जुर्माने का प्रावधान
खाद्य सुरक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, खाद्य पदार्थाें में मिलावट पर अधिकतम पांच लाख का जुर्माना और तीन साल तक की सजा का प्रावधान है। सजा जनहानि से जुड़े मामले में हो सकती है। कुमाऊं में अल्मोड़ा में एक नामी कंपनी के शहर में चीनी मिलने पर चार लाख का चालान किया गया था। यहां रसगुल्लों पर कॉकरोच रेंगते नजर आए थे। हल्द्वानी में भी एक से डेढ़ लाख तक के चालान हो चुके हैं। जुर्माना राशि एडीएम कोर्ट से निर्धारित की जाती है।
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पुराने मामलों में नहीं हुई ठोस कार्रवाई
शहर में खाद्य पदार्थाें के दूषित होने या उनमें कीड़े पड़े होने जैसी संभावनाओं के मामले होते रहे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार सिंधी चौराहे के पास स्थित मिठाई विक्रेता तीन भाइयों के प्रतिष्ठानों और गोदाम में करीब दो साल पहले गदंगी मिलने पर एक से सवा लाख तक का चालान किया गया था। इनके मामले ट्रिब्यूनल में चल रहे हैं। जुर्माने की राशि अभी जमा नहीं की गई है। दुकानों में मिठाइयों की बिक्री जारी है।
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रामपुर रोड स्थित स्वीट्स शॉप से मिठाई का सैंपल लेने पहुंची खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम। स्रोत: जागरूक पाठक