हल्द्वानी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्यायिक निर्णय आ गया, लेकिन ईश्वरीय इंसाफ अभी बाकी है। उत्तराखंड की बेटी के साथ हुई निर्ममता मातृ शक्ति का अपमान है। साक्ष्य से छेड़छाड़ न होती तो आज उम्रकैद की जगह फांसी की सजा होती। 2027 में कांग्रेस की सरकार बनी तो अंकिता भंडारी हत्याकांड की एसआईटी जांच कराएंगे।
सर्किट हाउस में अमर उजाला से बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हत्याकांड के पीछे पावरफुल लोग शामिल थे। उन्हें बचाने के लिए प्रदेश सरकार ने सुनियोजित तरीके से साक्ष्यों को नष्ट करवाया। बुलडोजर चला, लेकिन किसके आदेश पर, यह किसी ने नहीं बताया था। सीसीटीवी तोड़े गए। उस वीआईपी की पहचान कांग्रेस सरकार आने पर उसकी एसआईटी सार्वजनिक करेगी। पाताल से ढूंढना पड़े तो भी सरकार ढूंढेगी।
कांग्रेस ने दिलाई पहचान, भाजपा उत्तराखंड को बना रही उत्तर प्रदेश की फोटो कॉपी
पूर्व सीएम ने वर्तमान प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। 14 साल तक उत्तराखंड को स्वावलंबी, स्वाभिमानी, सक्षम उद्यमी और मजबूत मध्यम वर्गीय समाज कांग्रेस ने दिया। भौगोलिक, पर्यावरणीय, स्थानीय लाभ को देखते हुए योजना बनाई। उत्तराखंड में आज उप्र की काॅपी हो रही है। बुलडोजर तो जुमला हो गया है। ठेके अदृश्य मालिकों पर हैं। ये मालिक अहमदाबाद, हैदराबाद, भुज से आते हैं। उनके एजेंटों ने यहां स्थानीय लोगों को टुकड़ों में ठेके दिए। यहां के निवासी परेशान हैं और गुजरात वाले मजे में हैं।
मेरा व्यक्तिगत मत, 2027 में भाजपा के खिलाफ मजबूत गठबंधन जरूरी
पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि भाजपा झूठी पार्टी है। वह चुनाव में राजनीतिक नियमों का पालन नहीं करती है। ऐसे दल से लड़ने के लिए जरूरत पड़े तो समान विचारधारा को एक मंच पर आने की जरूरत है। गठबंधन गलत नहीं है, लेकिन यह मेरा व्यक्तिगत मत है। अभी से पार्टी को आक्रामक होना चाहिए। 2017 और 2022 में जो गलतियां हुईं, उसे दूर कर मैदान में उतरा जाए।