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Uttarakhand: सत्ता में आते ही अग्निवीर योजना खत्म करेगी कांग्रेस, 1.5 लाख युवाओं को किया जाएगा भर्ती: सप्पल

Thu, 08 Feb 2024 01:26 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल

सार

कांग्रेस के राष्ट्रीय सलाहकार गुरदीप सिंह सप्पल ने युवाओं को आश्वासन दिया कि सत्ता में आते ही कांग्रेस अग्निवीर योजना को खत्म करेगी जिससे पूर्व की तरह आर्मी और नेवल विंग में भर्ती हो सके। 
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गुरदीप सिंह सप्पल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कांग्रेस के राष्ट्रीय सलाहकार व सीडब्ल्यूसी के स्थायी सदस्य गुरदीप सिंह सप्पल ने युवाओं को आश्वासन दिया कि सत्ता में आते ही कांग्रेस अग्निवीर योजना को खत्म करेगी जिससे पूर्व की तरह आर्मी और नेवल विंग में भर्ती हो सके। पूर्व में परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके व चिकित्सा परीक्षण के बाद ज्वाइनिंग लेटर प्राप्त कर चुके 1.5 लाख युवाओं को भी नौकरी दी जाएगी। इसमें उनकी आयु सीमा की बाध्यता को दरकिनार कर आवश्यक छूट दी जाएगी।

गुरदीप सप्पल ने बुधवार को नैनीताल रोड स्थित एक बैंक्वेट हॉल में युवा कांग्रेस व एनएसयूआई की ओर से आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में युवाओं को उनके भविष्य की सुरक्षा का आश्वासन दिया। चुटकी लेते हुए कहा कि जो स्कूल गया ही नहीं, वह युवाओं का यह दर्द कैसे समझ सकता है। कहा कि फौज का मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है। उसके लिए अग्निवीर के तौर पर अस्थायी व्यवस्था करना न देश के लिए उचित है और न ही युवाओं के लिए न्यायोचित। भाजपा सरकार देश को बड़ी अर्थव्यवस्था की ओर आगे बढ़ने का दावा करती है, लेकिन सरकार के पास न तो फौज के लिए पैसा है और न कर्मचारियों की पेंशन के लिए। सप्पल ने आजादी के बाद के कांग्रेस के शोध संस्थान, कृषि संस्थान, स्पेस न्यूक्लियर टेक्नोलाजी, आईटी क्षेत्र में हुए कार्य भी गिनाए।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने युवाओं का आह्वान किया कि वह अन्याय के विरुद्ध न्याय के इस युद्ध में कांग्रेस की मुहिम में सहभागी बनें। इसके लिए राज्य आंदोलन की तर्ज पर आंदोलन की दरकार है। इस दौरान वैभव वालिया, प्रकाश जोशी, रोहित चौधरी, सुमित्तर भुल्लर, ऋषेंद्र, मीमांशा, राहुल आदि ने विचार रखे। इस मौक पर डा.महेंद्र सिंह पाल, रांजेंद्र सिंह खनवाल, डा. गणेश उपाध्याय, राहुल छिमवाल, सतीश नैनवाल, अनुपम कबडवाल, गिरीश पपनै, विकास, नईम, भुवन चौबे, गोपाल मेहरा, नीरज तिवारी, गोपाल लटवाल, सुमित, पंकज आदि मौजूद रहे।

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युवाओं की बात
1-
आर्मी के सपने को सच करने के लिए युवाओं ने नदी को दौड़ के मैदान के रूप में प्रयोग किया। कठिन परिश्रम के बाद खुद को आर्मी के लिए तैयार किया तो अग्निवीर के नाम पर उनके भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया।
-चंद सिंह, पवलगढ़।

2- हम मध्यम परिवार से है। सीमित संसाधनों में किसी तरह जज्बे और शारीरिक ऊर्जा से आर्मी में जाने के लिए दौड़ आदि के रिकाॅर्ड बनाते हैं। मैंने पांच मिनट में 1600 मीटर दौड़ का रिकाॅर्ड बनाया। अग्निवीर ने उनके भविष्य को अग्नि में  दिया। -राजपाल, खटीमा

3- एक आर्मी का जवान देश की लड़ाई लड़ने के दौरान कहता है कि उसे रोटी नहीं गोली चाहिए। आर्मी के इस क्षेत्र में राजनीति कतई नहीं होनी चाहिए। देश सुरक्षा के साथ युवाओं का भविष्य भी उज्जवल होना चाहिए। -भानु कडबाल

4- मैं 2006 से आर्मी की तैयारी कर रहा हूं। सुबह तीन बजे जब लोग सोते हैं हम आर्मी का सपना देखने वाले युवा दौड़ने के साथ ही शारीरिक व्यायाम करते हैं। पांच वर्ष एनसीसी में रहने के दौरान उत्तराखंड सचिवालय ने अव्वल स्थान प्राप्त किया। -मयंक जोशी, कोटाबाग

 

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सप्पल बोले- ईडी और सीबीआई के छापे भी चुनावी
कांग्रेस सलाहकार गुरदीप सिंह सप्पल ने कहा कि भाजपा अपने दस वर्षों के कार्यकाल को लेकर जनता के पास नहीं जाना चाहती। अंदर से वह खौफजदा है। इसी कारण उन्हें चुनौती देने वालों को कुचलने की कोशिश के तहत छापे मारने की कार्रवाई की जा रही है।

यहां पत्रकारों से वार्ता में सप्पल ने कहा कि भाजपा की ओर से उसके खिलाफ आवाज उठाने वाले हेमंत सोरेन, तेजस्वी यादव समेत डीएमके, कांग्रेस, आप, सीपीएम के नेताओं के खिलाफ ईडी व सीबीआई ने कार्रवाई की। वे चाहते हैं कि उनके खिलाफ कोई चुनाव न लड़े, दमदारी से चुनाव लड़ने वालों के खिलाफ छापे तय हैं। भाजपा से सवाल किया कि बीते दस वर्ष के छापों में एक फीसदी भी निर्णय पर क्यों नहीं पहुंचे। पूर्व में मोदी व अमित शाह बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार, अजीत पवार समेत अन्य का विरोध करते रहे, लेकिन जिस दिन वह भाजपा के हुए, दूध के धुले हो गए। चंडीगढ़ मेयर चुनाव में हेराफेरी नहीं, सीनाजोरी हुई है।

यूसीसी मामले में नियम ताक पर : करन
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि यूसीसी मामले में सरकार ने नियमों को ताक पर रख दिया है। यूसीसी पर सरकार को 400 पेज का दस्तावेज पक्ष व विपक्ष के सभी विधायकों को उपलब्ध कराना चाहिए था। विस में चर्चा के बाद इस पर निर्णय होना चाहिए था। कांग्रेस यूसीसी दस्तावेज प्रवर समिति को भेजे जाने की मांग करती है। बोले राज्य सरकार को कानून बनाने का हक है, लेकिन वह अनुच्छेद में बदलाव नहीं कर सकती है।


 
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