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प्रवेश निरस्त मामले की जांच के लिए कमेटी गठित

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हल्द्वानी। तीन महीने बाद प्रवेश निरस्त होने से आहत छात्र के सुसाइड की धमकी देने के मामले की जांच के लिए कॉमर्स विभागाध्यक्ष की अध्यक्षता में बनी पांच सदस्यीय कमेटी करेगी। इसका निर्णय एमबीपीजी कॉलेज में मंगलवार को पुलिस की मौजूदगी में छात्र और प्राचार्य के बीच वार्ता के बाद लिया गया।
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सितारगंज निवासी संजय मंडल ने सोमवार को सुसाइड की धमकी का पत्र सोशल मीडिया में वायरल किया था। इससे एमबी कॉलेज और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया था। छात्र का कहना था कि तीन महीने पहले बीकॉम प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने के बाद अब कहा जा रहा है कि उसका दाखिला गलत हो गया है। सोमवार को सीओ भूपेंद्र सिंह धोनी और चौकी इंचार्ज प्रताप नगरकोटी ने छात्र की कांउसिलिंग की। मंगलवार को कॉलेज खुलते ही प्रभारी प्राचार्य डॉ. बीआर पंत ने कॉमर्स विभाग की प्रवेश कमेटी के सदस्यों को बुलाकर बैठक की।
इसके बाद भोटियाइ पड़ाव चौकी इंचार्ज पीएस नगरकोटी, संजय मंडल और प्राचार्य डॉ. बीआर पंत की वार्ता हुई। संजय ने शैक्षिक दस्तावेज देते हुए कहा कि इंटर में एनसीसी बी सर्टिफिकेट के अंक नहीं जोड़े गए हैं। उसका अगर प्रवेश निरस्त हुआ तो एक वर्ष खराब हो जाएगा। इसके बाद प्राचार्य ने उसे कॉमर्स विभाग में विभागाध्यक्ष डॉ. सीएस जोशी के पास भेज दिया।
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एमबीपीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बीआर पंत ने कहा कि प्रकरण की जांच और समाधान करने के लिए कॉमर्स विभागाध्यक्ष की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई। छात्र की समस्या का हल निकाला जा रहा है। कमेटी को मामले का जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं।
ये हैं प्रवेश के मानक
इंटरमीडिएट कामर्स से उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थी को बीकॉम में प्रवेश के लिए 40 प्रतिशत अंक चाहिए जबकि कला वर्ग से इंटर उत्तीर्ण विद्यार्थी के 45 प्रतिशत अंक होने चाहिए। कला वर्ग के होने के कारण इस छात्र के पूरे 45 प्रतिशत नंबर नहीं हैं।
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