सरोवर नगरी में पर्यटन को बढ़ावा देने, कुमाऊं की संस्कृति से पर्यटकों को रूबरू कराने और उनके मनोरंजन के लिए पहली बार जिला प्रशासन की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
मुख्य अतिथि जिलाधिकारी दीपक रावत और विशिष्ट अतिथि पालिकाध्यक्ष श्याम नारायण ने बृहस्पतिवार को बैंड स्टैंड में दीप जलाकर इसकी विधिवत शुरुआत की। छोलिया नर्तकों के करतबों को देख सैलानी रोमांचित हो उठे।
पर्यटकों को कुमाऊंनी संस्कृति से परिचित कराने और उनके मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत की गई है।
इस मौके पर मुख्य अतिथि डीएम दीपक रावत ने कहा कि कुमाऊंनी संस्कृति, लोक कला की जानकारी देने के साथ ही पर्यटकों का मनोरंजन करना पर्यटन विभाग का प्रमुख उद्देश्य है।
जिला प्लान में इसकी रूपरेखा तय की गई थी। लेकिन धनराशि विलंब से मिलने के कारण आज कार्यक्रम की शुरुआत की जा सकी। उन्होंने कहा कि अब हर अवसरों, खास त्योहारों पर वर्षभर यह कार्यक्रम होते रहेंगे।
इसके लिए जिला प्लान में 10 लाख रुपये का प्रावधान रखा गया है। पालिकाध्यक्ष श्याम नारायण ने कहा कि पर्यटन विभाग की ओर से लोक संस्कृति को बढ़ावा देना एक सराहनीय कदम है।
इस मौके पर जागेश्वर से आई छोलिया नर्तकों की दो टीमों ने बैंड स्टैंड के अलावा नगर के विभिन्न मार्गों पर करतब दिखाकर पर्यटकों का भरपूर मनोरंजन किया। उपनिदेशक पर्यटन जेसी बेरी ने कहा कि विभाग ने पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह परिकल्पना तैयार की है।
इस मौके पर एडीएम उदयवीर सिंह राणा, पर्यटन विभाग के बीडी त्रिवेदी, भाजपा नगर अध्यक्ष विवेक साह आदि मौजूद थे। संचालन रंगकर्मी विनोद कुमार ने किया। नगर में छोलिया नर्तकों का यह कार्यक्रम तीन दिन तक चलेगा। इसके अलावा समय-समय पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।