किच्छा। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि चीनी मिल के पेराई सत्र की तिथि शीघ्र घोषित नहीं गई गई तो वे मिल गेट पर मौन व्रत रखकर आंदोलन करेंगे। कहा कि किसानों के हितों की अनदेखी हुई तो कांग्रेस सड़क पर उतरेगी। उन्होंने चीनी मिल गेट पर सांकेतिक रूप से मौन व्रत पर बैठे।
सोमवार को पूर्व सीएम हरीश रावत हल्द्वानी रोड निवासी दीप सिंह डांगी के पिता जोधा सिंह डांगी के निधन की सूचना पर उनके आवास पर सांत्वना देने पहुंचे तो शांतिपुरी निवासी वरिष्ठ कांग्रेसी नेता विनोद कोरंगा ने उन्हें क्षेत्र के गन्ना और धान के किसानों की समस्याओं से अवगत कराया।
इस पर हरीश रावत प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष तिलकराज बेहड़ समेत तमाम कांग्रेसजनों के साथ चीनी मिल गेट पर पहुंचे और आधा घंटा मौन व्रत रखा। बाद में पत्रकारों से बात करते हुए रावत ने बताया कि गन्ना मिल का पेराई सत्र किसानों के लिये इसलिये महत्वपूर्ण है, क्योंकि गन्ने के बाद किसान अगामी फसल की योजना बनाता है, लेकिन भाजपा सरकार ने अभी तक चीनी मिल के पेराई सत्र की तिथि की घोषणा नहीं की है।
उन्होने कहा कि कांग्रेस शासन में हमेशा चीनी मिलों का पेराई सत्र किसानों की सुविधानुसार शुरू किया गया, लेकिन भाजपा सरकार किसानों की सुध नहीं ले रही। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश समेत कई प्रदेश गन्ना मूल्य की घोषणा कर चुके हैं।
कहा कि धान में कमियां बताकर किसानों को लौटाया जा रहा है। मजबूरन किसान औने-पौने दाम पर धान बेच रहा है। अभी सांकेतिक मौन व्रत है, अगर सरकार नहीं चेती तो चीनी मिल गेट पर कांग्रेस आंदोलन करेगी। हरीश रावत के साथ वरिष्ठ राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा, पूर्व विधायक हरीश दुर्गापाल, ललित फर्सवाण, पालिकाध्यक्ष दर्शन कोली, हिमांशु गाबा, संजीव कुमार सिंह, राजेश प्रताप सिंह, सुरेश पपनेजा, दलीप सिंह बिष्ट, फिरदौस सलमानी, जगरुुप सिंह गोल्डी आदि थे।