अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि राज्य सरकार अल्मोड़ा में हैंप प्रोसेसिंग यूनिट (बगैर नशे के भांग पर आधारित) लगाएगी। इससे दवाएं समेत असंख्य उत्पाद बनाए जा सकते हैं। साथ ही रोजगार के काफी अवसर बढ़ंगे। उन्होंने व्यवसायिक हैंप उत्पादन के लिए कलस्टर स्थापित करने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने से ही पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन पर रोक लगेगी।
अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्थानीय उत्पादों के विपणन की उचित व्यवस्था करें। पर्वतीय जिलों में विपणन की संभावनाएं तलाशी जाएं, ताकि उत्पादों का विपणन हो सके। मुख्यमंत्री विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में जिले के अधिकारियों की बैठक ले रहे थे। उन्होंने बताया कि सरकार ने निर्णय लिया है कि इस वर्ष हरेला पर्व के दिन पूरे प्रदेश में एक साथ पौधारोपण किया जाएगा।उन्होंने कहा कि पौधारोपण के लिए वन समेत अन्य विभागों को तैयारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कोसी पुनर्जनन अभियान के अंतर्गत किए गए कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि बनाए गए ट्रच और होलों की नियमित मानिटरिंग करें। फलदार पौधों के रोपण को प्राथमिकता दी जाए उन्होंने कहा कि लोगों को बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाए। छोटे-छोटे उद्योग स्थापित कर आमदनी बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। गढ़वाल क्षेत्र में मशरूम की खेती से लोगों की आजीविका में काफी सुधार हुआ है। मुख्य उद्यान अधिकारी को मशरूम उत्पादन की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पूरे जिले में आकर्षक साईनेज लगाकर पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कार्य करें। तड़ागताल झील निर्माण को लेकर अधिकारियों ने बताया डीपीआर तैयार कर दी गयी है।
उन्होंने कहा कि जिले में होने वाले महोत्सवों में बाहर से आने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोत्तरी को प्रयास करें। जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश से भी पर्यटक पहुंच सकें। महिला कल्याण विभाग के अधिकारियों से जानकारी लेकर निर्धन मेधावी बच्चों को देहरादून स्थित हिम ज्योति फाउंडेशन विद्यालय के लिए तैयार करने के निर्देश दिए। आपदा प्रबंधन की समीक्षा करते हुए सीएम ने कहा कि आपातकालीन स्थिति और दुर्घटना के समय रिस्पांस टाइम कम से कम किया जाए। जिससे जानमाल का नुकसान बचाया जा सके।
बैठक में विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान, महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या, डीएम नितिन सिंह भदौरिया, विधायक महेश नेगी, सुरेन्द्र सिंह जीना, भाजपा जिलाध्यक्ष रवि रौतेला, डीसीबी अध्यक्ष ललित लटवाल, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष कुंदन लटवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष गोविंद पिलख्वाल, महेश नयाल, मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी अभय सिंह रावत, एसएसपी पीएन मीणा, सीडीओ मनुज गोयल, वीपीकेएस के निदेशक ए. पटनायक, एडीएम बीएल फिरमाल, संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत नरेंद्र भंडारी, एसडीएम सीमा विश्वकर्मा और मोनिका के अलावा जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
अल्मोड़ा पर आधारित लोक गीत करें तैयार
अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री ने जागेश्वर में मंदिर प्रबंधन समिति बनने के बाद हुए परिर्वतन के बारे में अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने बताया कि समिति बन जाने के बाद आय में वृद्धि के अलावा अनेक सौंदर्यकरण कार्य किए गए हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से कहा कि अल्मोड़ा के संस्कृति के परिपेक्ष्य में एक लोकगीत तैयार किया जाए। जिसमें अल्मोड़ा की संस्कृति और यहां की सभ्यता की झलक हो।
पावर प्वाइंट के माध्यम से दी विभागों की जानकारी
अल्मोड़ा। जिलाधिकारी िनितिन सिंह भदौरिया और अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित कार्यों के बारे में पॉवर पाइंट के माध्यम से मुख्यमंत्री को जानकारी दी। इस दौरान कृषि, उद्यान, जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति, जिला अस्पताल, महिला कल्याण, आपदा प्रबंधन, जीआईएस, कोसी पुर्नजनन अभियान, रूपांतरण अभियान का प्रस्तुतीकरण दिया।
सीएम ने किया विवेक कृषि संदेश सेवा का शुभारंभ
अल्मोड़ा। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान की विवेक कृषि संदेश सोीवा का शुभारंभ किया। इसके माध्यम से पंजीकृत किसानों को वायस मैसज के जरिये फसलों के समुचित प्रबंधन और देखरेख की जानकारी मिल सकेगी।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा तैयार की गई उन्न त बीज प्रजाति के वीएल भट्ट-201, वीएल मडुवा-379 और वीएल संकर मक्का-57 का भी विमोचन किया। यह प्रजातियां पर्वतीय क्षेत्र के किसानों के लिए लाभदायक हैं और अधिक फसल उत्पादित होगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जिले के 13 अनुसूचित जाति के किसानों को मडुवा थ्रेशर, 37 अनुसूचित जनजाति के कसिानों को स्प्रे मशीन और चमोली के जनजाति वर्ग क किसानों को 37 लघु कृषि यंत्र भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने संस्थान के संग्रहालय का भ्रमण किया और इस संस्थान के कार्यों की प्रशंसा की। वीपीकेएस के निदेशक ए. पटनायक ने मुख्यमंत्री को संस्थान के कार्योँ की जानकारी दी।