मल्लीताल चार्टन लॉज में भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में टूटी हुई जियो बैग की दीवार- संवाद
- फोटो : अमर उजाला
लगातार दरक रहा पहाड़ यहां मकानों को थामे है। इसी दरक रही जमीन पर जियो बैग यहां-वहां बिखरे हैं। इन सरकते जियो बैग के साथ फटे तिरपाल के पास फिलहाल इस पहाड़ को थामने का जिम्मा है, इसलिए लोगों की धड़कनें थोड़ी सी बारिश के बाद फिर बढ़ गई हैं। कब यहां से जमीन धसक जाए, कोई भराेसा नहीं। अब हालिया बरसात के बाद लोगों की नींद हराम है, और उन्हें इस आफत से राहत के कोई इंतजाम नहीं। सितंबर 2023 में हुए भूस्खलन के बाद से चार्टन लॉज क्षेत्र संवेदनशील बना हुआ है। तब यहां दो मंजिला मकान ध्वस्त हो गया था।
मकान गिरने से उसके नीचे स्थित दो मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसके बाद प्रशासन ने 22 मकानों से लोगों को हटाकर घरों में ताला लगा दिया। भू-वैज्ञानिक के साथ टीम ने क्षेत्र का निरीक्षण किया। लोनिवि ने भूस्खलन रोकने के लिए जियो बैग की दीवार लगा दी। ऊपरी क्षेत्र को पानी से बचाव के लिए वहां तिरपाल डाल दी गई। एक हजार से ज्यादा जियो बैग की सुरक्षा दीवार लगाने के बाद विस्थापित लोगों को फिर घरों में रहने की अनुमति दे दी गई। तब से अब तक क्षेत्र का स्थाई उपचार नहीं किया गया है।
पूर्व में किए निरीक्षण में भू-वैज्ञानिक बीडी पाटनी ने कहा था कि भूस्खलन के बाद क्षेत्र संवेदनशील बन चुका है। इसका स्थाई उपचार जल्द से जल्द किया जाना जरूरी है। इसके बाद भी प्रशासन व विभाग ने क्षेत्र को अनदेखा किया। अब सुरक्षा के लिए लगाई गई जियो बैग की अस्थाई दीवार टूट गई है, तिरपाल भी फट गई है। ऐसे में बरसात के दौरान क्षेत्र की सुरक्षा कैसे होगी, यह बड़ा सवाल है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर दोबारा क्षेत्र में जियो बैग की दीवार बनाकर व तिरपाल से भूस्खलन संभावित क्षेत्र को ढककर सुरक्षा की जाएगी। यह कार्य 15 जून से पहले ही पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद स्थाई ट्रीटमेंट के लिए प्रस्ताव बनाए जाएंगे।
- रत्नेश सक्सेना, ईई, लोनिवि नैनीताल