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33600 राशन कार्ड धारकों को चना दाल बांटी नहीं

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हल्द्वानी। सरकारी योजनाओं के लिए आवंटित राशन सरकारी सिस्टम की लापरवाही के कारण गोदाम में सड़ गया। दो साल पहले पर्वतीय क्षेत्र के 33600 राशन कार्ड धारकों को बांटने के लिए आया 336 क्विंटल चना कमलुवागांजा स्थित गोदाम में अब तक पड़ा हुआ है। आरएफसी की ओर से बनाई गई कमेटी ने इस चने को खाने लायक नहीं बताते हुए इसकी नीलामी करने का प्रस्ताव दे दिया है। शासन को पत्र भेजकर इसे नीलाम करने की अनुमति मांगी गई है।
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लॉकडाउन में केंद्र सरकार ने नवंबर 2020 में राशन कार्ड धारकों के लिए चना भेजा था, जो अल्मोड़ा जिले के राशन कार्ड धारकों को बांटा जाना था। एक राशन कार्ड धारक को एक किलो चना दिया जाना था। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अधिकारियों का कहना है कि केंद्र ने आवंटित कोटे से 336 क्विंटल अधिक चना कमलुवागांजा स्थित गोदाम भेज दिया था। उस समय शासन से अतिरिक्त चने को राशन कार्ड धारकों को बांटने की अनुमति मांगी गई थी लेकिन समय से अनुमति नहीं मिल पाई। शासन ने फरवरी 2021 में चने बांटने की अनुमति दी। इसके बाद खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने 134 क्विंटल चना अल्मोड़ा जिले को भेजा था लेकिन अल्मोड़ा के पूर्ति विभाग ने चने को खाने योग्य नहीं बताते हुए इसे वापस कमलुवागांजा स्थिति गोदाम भिजवा दिया था। तब से यह चना गोदाम में सड़ रहा है।
आरएफसी ने नवंबर 2021 में इस चने का निस्तारण करने के लिए एक कमेटी गठित की। कमेटी ने चने को खराब बताते हुए रिपोर्ट दी कि यह खाने योग्य नहीं है। इसके बाद आरएफसी ने फरवरी में दोबारा इस चने को नीलाम करने के लिए एक कमेटी का गठन किया। कमेटी ने चने को खुले बाजार में नीलाम करने की सिफारिश की। इसके बाद आरएफसी ने शासन से नीलाम करने की अनुमति मांगी है। अभी तक शासन से इसकी अनुमति नहीं मिली है। गोदाम में पड़ा-पड़ा चना अब जानवरों के खाने लायक भी नहीं बचा है।
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कोट-
दो साल पहले आया चना अब खाने लायक नहीं रहा। शासन से चने को नीलाम करने की अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलने के बाद चने को खुले बाजार में नीलाम कर दिया जाएगा।
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-हरबीर सिंह आरएफसी कुमाऊं
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