फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फुटपाथों पर कब्जा, सड़क पर कुचल रहे राहगीर

Fri, 22 Jan 2016 12:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर के फुटपाथ अतिक्रमण से गायब हो गए हैं। फुटपाथों पर कहीं सब्जी की दुकानें सज गई तो कहीं दुकानदारों का सामान फैला है। कई जगहों पर स्थायी अतिक्रमण हो गया है। जहां खाली हैं वहां भी लोगों ने ईंट के चट्टे लगवा दिए हैं।
विज्ञापन


राहगीर जान जोखिम में डालकर सड़क पर चलने को मजबूर हैं। फुटपाथों पर कब्जा होने और राहगीरों के सड़क पर चलने से शहर को जाम झेलना पड़ता है। सड़क पर चलने वाले बेमौत मर रहे हैं। जबकि पुलिस और प्रशासन मूक दर्शक बना है।

केमू और रोडवेज स्टेशन रोड के दोनों तरफ के फुटपाथ कब्जे से गायब हो गए हैं। एक तरफ दुकानदारों का तो दूसरी तरफ आटोमोबाइल वालों का कब्जा है। फुटपाथ कब्जाने के बाद सड़क में बेतरतीब दोपहिया वाहन खड़े रहते हैं। स्टेशन रोड में सबसे अधिक दबाव होता है।
विज्ञापन


 केमू, रोडवेज की बसों के अलावा आटो, रिक्शा, कार और दोपहिया वाहनों के अलावा बड़ी संख्या में पैदल राहगीर आवाजाही करते हैं। इससे अक्सर जाम लगता है। पुरानी वर्कशाप लाइन में तिकोनिया तक फुटपाथों पर एक तरफ आटो मिस्त्री तो दूसरी तरफ मीट, चावल बेचने वालों का स्थायी कब्जा हो गया है।

 इस रोड में बेतरतीब कारें और स्कूल मोटरसाइकिल खड़ी रहती हैं। महिला अस्पताल के आगे और सामने फुटपाथों पर भी सामान और फल बेचने वालों का कब्जा है।

कालाढूंगी रोड में फुटपाथ दिखते ही नहीं हैं। इनमें कहीं दुकानदारों के बोर्ड तो कहीं सामान बिखरा रहता है। डीएम कैंप कार्यालय के सामने से लेकर डिग्री कालेज तक फुटपाथ में शोरूम का सामान और गैरिज की गाड़ियां खड़ी रहती हैं।

काठगोदाम का भी बुरा हाल है। काठगोदाम रेलवे स्टेशन से बाहर निकलते ही सामने के फुटपाथ पर सब्जी, होटल और दुकानदारों का स्थायी कब्जा है। होटल की कुर्सियां फुटपाथ पर सजी रहती हैं।

लोगों को जगह नहीं मिलने पर सड़क पर चलना पड़ता है और बेकाबू वाहन उन्हें कुचल रहे हैं। नगर निगम ने पुलिस और प्रशासन के भरोसे अतिक्रमण हटाना ही छोड़ दिया है। खामियाजा बेचारी सड़क पर चलने वाली जनता को भुगतना पड़ रहा है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें