भवाली (नैनीताल)। बरसात के चलते पर्वतीय क्षेत्रों के पर्यटन स्थलों में सैलानियों की आवाजाही नहीं होने से पर्यटन कारोबारी चिंतित हैं। तीन महीने से पर्यटन कारोबार नहीं होने से कारोबारी कर्मचारियों को तनख्वाह तक नहीं दे पा रहे हैं। इससे पर्यटन कारोबारी परेशान हैं।
भीमताल, नौकुचियाताल, सातताल, भवाली, कैंची धाम, मुक्तेश्वर और रामगढ़ में सैलानियों की चहल पहल बेहद कम देखने को मिल रही है। भीमताल के होटल संचालक संजीव भगत ने बताया कि पर्यटन कारोबार पूर्ण रूप से मंदा पड़ा हुआ है। उत्तराखंड में आपदा, सड़कें बंद और मलबा आने की सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं। इससे सैलानी उत्तराखंड घूमने नहीं आ रहे हैं। इससे स्थानीय पर्यटन कारोबार ठंडा पड़ा है।
भवाली होटल एसोसिएशन अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद कपिल ने बताया कि तीन महीने से पर्यटन कारोबार बहुत कम है। भीमताल के होटल संचालक रमन बिष्ट ने बताया कि बरसात के चलते कारोबार शत प्रतिशत प्रभावित है।
कहा कि नवरात्र के बाद कारोबार बेहतर होने की उम्मीद है। वहीं इन दिनों कैंची धाम में भी श्रद्धालुओं की आवाजाही कम हुई है। संवाद