कांवड़ मेले के चलते यूपी, दिल्ली, देहरादून और पंजाब जाने वाले वाहनों का रूट डायवर्ट किया गया है। ऐसे में रोडवेज बसों काे अतिरिक्त दूरी तय कर पड़ रही है। इस स्थिति में रोडवेज प्रबंधन ने 80 रुपये से 180 रुपये तक किराया बढ़ा दिया है।
कांवड़ मेले के चलते यूपी, दिल्ली, देहरादून और पंजाब जाने वाले वाहनों का रूट डायवर्ट किया गया है। ऐसे में रोडवेज बसों काे अतिरिक्त दूरी तय कर पड़ रही है। इस स्थिति में रोडवेज प्रबंधन ने 80 रुपये से 180 रुपये तक किराया बढ़ा दिया है। इन रूटों पर यात्रियों को 30 से 60 किलोमीटर तक ज्यादा सफर करना पड़ रहा है।
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रविवार को हल्द्वानी बस अड्डे से दिल्ली रूट पर चलने वाली रोडवेज बसें मुरादाबाद पाकबाड़ा से संभल, बुलंदशहर होते हुए चलाई गईं। इसके अतिरिक्त कुछ बसों का संचालन रुद्रपुर, काशीपुर, धामपुर, बिजनौर, मीरापुर, चांदपुर, मेरठ बाईपास से किया गया। इस पर यात्रियों से साधारण बस का किराया 80 रुपये और काठगोदाम डिपो प्रबंधन की ओर से देहरादून मार्ग पर चलने वाली बसें वाया चीला संचालित करने पर 50 रुपये ज्यादा किराया लिया गया। इस रूट की बसें धामपुर से नठौर, बिजनौर, गंगनहर मार्ग से चल रही हैं। पंजाब मार्ग पर वाया चीला, पोंटा साहिब से चलाने पर प्रति यात्री 125 रुपये ज्यादा लिया गया। दिल्ली रूट पर एसी बस का किराया 125 रुपये व वाॅल्वो का किराया 180 रुपये अतिरिक्त लिया जा रहा है।
यात्री हुए कम तो दिल्ली रूट पर घटाई बसें
हल्द्वानी व काठगोदाम डिपो ने आठ वॉल्वो बसों की ऑनलाइन बुकिंग सेवा बंद करने के बाद अनुबंधित बसों पर भी सख्ती शुरू कर दी है। एआरएम हल्द्वानी संजय पांडे ने बताया कि अनुबंधित व सीएनजी बसों को 20 से कम यात्री होने पर रूट पर नहीं भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि बीते तीन दिन से दिल्ली रूट पर बसों की संख्या कम हुई है। यात्रियों के अभाव के चलते एक दिन में पांच बसें कम जा रही है, सामान्य दिनों में डिपो की 20 बसें दिल्ली मार्ग पर चल रही थीं।