इसे देखते हुए बाजार में अफरा-तफरी मच गई। दुकानों में मौजूद ग्राहकों को भी दुकानदार वापस घर भेजने लगे और सामान जल्दी अंदर करने लगे। शाम साढ़े 5 बजे तक पटेल चौक, सदर बाजार, लोहार लाइन, सब्जी मंडी, बर्तन बाजार सहित अन्य बाजारों की दुकानें भी बंद हो गई। वहीं दूसरी ओर मंगल पड़ाव क्षेत्र में भी बवाल की सूचना पर अधिकतर दुकानें बंद हो गई थी।
इस दौरान उनकी पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के साथ झड़प हो गई। इस दौरान कुछ लोगों ने अपने घरों की छतों से पुलिस पर पथराव किए। जेसीबी मशीन पर भी पथराव किया गया, जिसमें 20 से अधिक पुलिसकर्मी और पत्रकार घायल हो गए।
बता दें कि, बीते कई दिनों से प्रशासन और हल्द्वानी नगर निगम की टीम सरकारी जमीनों पर बने अवैध भवनों और धार्मिक स्थलों को ध्वस्त करने में लगी हुई है। गुरुवार को भी प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम बुलडोजर के साथ बनभूलपुरा थाना क्षेत्र के मालिक के बगीचे में पहुंची। इस दौरान यहां अवैध रूप से बनी मस्जिद और मदरसे पर बुलडोजर चलाया गया। इसके बाद से इलाके में तनाव का माहौल पैदा हो गया।
हल्द्वानी नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने मस्जिद और मदरसे के संचालकों को नोटिस भेजा था, नोटिस भेजने के बाद भी उन्होंने मस्जिद और मदरसे से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं दिखाए, जिसके बाद ये कार्रवाई की गई है।