राजकीय मेडिकल कॉलेज से पास आउट एमबीबीएस के 28 डाक्टरों को शनिवार को नियुक्ति दे दी गई। इनमें से 15 डाक्टरों को जूनियर रेजीडेंट के पद पर राजकीय मेडिकल कॉलेज में ही नियुक्त किया गया है जबकि 13 डाक्टरों को पहाड़ में सरकारी अस्पतालों में तैनात किया गया है।
राजकीय मेडिकल कालेज के सभागार में एमबीबीएस वर्ष 2015 के उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं की नियुक्ति के लिए शनिवार को काउंसिलिंग हुई। वर्ष 2015 के उत्तीर्ण 28 एमबीबीएस छात्र डाक्टर बन गए हैं। काउंसिलिंग में राजकीय मेडिकल कालेज में मेरिट के आधार पर 15 जूनियर रेजीडेंट डॉक्टरों का चयन किया गया। इसके अलावा बाकी 13 डाक्टरों को स्वास्थ्य विभाग के सरकारी अस्पतालों में नियुक्ति दी गई। नवनियुक्त डॉक्टरों को स्वास्थ्य विभाग में पांच साल दुर्गम क्षेत्रों में अनिवार्य रूप से सेवाएं देनी होंगी।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा. सीपी भैसोंड़ा ने उम्मीद जताई कि डॉक्टरों की दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों मे तैनाती होने से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार अवश्य होगा। काउंसिलिंग में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण महानिदेशालय देहरादून के अपर निदेशक प्रशासन डा. प्रेम लाल, मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. भैसोंड़ा, डा. विवेकानंद सत्यवली ,डा. संजय गौड़, अरुण पांडे, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण महानिदेशालय के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी डा. आनंद बल्लभ ओली, हरिमोहन उपाध्याय, अमित दुम्का, सुनील जोशी, योगेंद्र रावत, नवीन जोशी, पीआरओ आलोक उप्रेती आदि मौजूद रहे।