शहर की पुरानी इमारतों में एक ब्रिटिश दौर की निर्मित मंगलपड़ाव पुलिस चौकी को रविवार को जमींदोज कर दिया गया। यहां पर नई चौकी का निर्माण किया जाएगा। ध्वस्तीकरण के दौरान कोतवाल और अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।
ब्रिटिश काल में कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अंग्रेजों ने 1940 में मंगल पड़ाव चौकी का निर्माण किया था। देश आजाद होने के बाद पुलिस इस चौकी का इस्तेमाल करती रही, लेकिन भवन पुराना होने और सुविधा विहीन होने के कारण एसएसपी ने इसे तोड़ने का निर्णय लिया। शासन से धन की मंजूरी मिलने के बाद पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार ने रविवार को इस चौकी को ध्वस्त करा दिया।
इसी के साथ चौकी से जुड़ी ब्रिटिश काल की यादें इतिहास का हिस्सा बन गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस चौकी में नीचे हवालात, कार्यालय और शौचालय की व्यवस्था होगी। दूसरे तल पर फोर्स के ठहरने के लिए बैरक बनाई जाएगी। इसी प्रकार जिले की दो अन्य पुलिस चौकियों का भी आधुनिकीकरण किया जाएगी। शासन ने चौकियों के आधुनिकीकरण के लिए एक करोड़ 80 लाख रुपए आवंटित किए हैं।
कभी कुमाऊं का सबसे बड़ा बाजार लगता था यहां
पूर्व पालिका सदस्य शकील सलमानी ने बताया कि कभी मंगलपड़ाव में कुमाऊं का सबसे बड़ा मंगल बाजार लगता था। उस समय ऊधमसिंह नगर जिला भी नैनीताल में था। यहां गुड़, चावल, मिट्टी के बर्तन और अन्य खाद्यान्न बंजारे और साहूकार बेचने आते थे। सुरक्षा के मद्देनजर मात्र यही चौकी थी।