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खंड शिक्षा अधिकारी दफ्तर में जमकर हंगामा

Sun, 22 Mar 2015 02:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी/हल्दूचौड़।
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स्कूलों के कोटिकरण को लेकर शनिवार को खंड शिक्षा अधिकारी दफ्तर में जमकर हंगामा हुआ। शिक्षक संगठनों ने कोटिकरण प्रक्रिया में मनमानी का आरोप लगाया तथा मुख्य शिक्षा अधिकारी के खिलाफ नारेबाजी की। कई घंटे चले हंगामे के बाद सीईओ ने पूर्व में गठित कमेटी को निरस्त कर नई स्क्रीनिंग कमेटी गठित कर दी। इस कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ही जिला स्तरीय कमेटी फैसला लेगी।
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सीईओ ने बताया कि कई विद्यालयों के कोटिकरण में गलती सामने आई है। समीक्षा करने के लिए नई कमेटी बनाई गई है, जिसमें बीईओ के अलावा मोतीनगर जीआईसी के प्रधानाचार्य, उपखंड शिक्षा अधिकारी चंपा भौर्याल, राउमावि की प्रधानाचार्य शाइस्ता जमाल अंसारी एवं सीआरसी समन्वयक को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि 25 मार्च को जिला स्तरीय कमेटी अपनी रिपोर्ट डीएम के समक्ष रखेगी।

बता दें कि स्कूलों का वर्ष 2012-13 में जो कोटिकरण हुआ था उसमें भी गड़बड़ी आरोप लगे थे तथा पैसा मांगने पर बीआरसी समेत दो लोगों को जेल की हवा भी खानी पड़ी थी। सीआरसी स्तर पर कमेटियों द्वारा निर्धारित किए स्कूलों के कोटिकरण की समीक्षा करने के लिए शनिवार को मुख्य शिक्षा अधिकारी रघुनाथ लाल आर्या, जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक आरसी पुरोहित, जिला शिक्षा अधिकारी एचसी विश्वकर्मा यहां बीईओ कार्यालय आए थे। विभागीय कमेटी को हल्द्वानी, कोटाबाग और रामनगर ब्लाक के प्राथमिक, जूहा और माध्यमिक विद्यालयों के कोटिकरण की समीक्षा करनी थी। इसके लिए प्राथमिक, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ एवं राजकीय शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों को भी बुलाया गया था। समीक्षा बैठक में तिवारी नगर स्कूल की श्रेणी तय करने को लेकर विवाद हो गया। अधिकारी इस स्कूल को सुगम मान रहे थे जबकि शिक्षक इसे दुर्गम। विवाद होने पर शिक्षकों ने सीईओ का घेराव कर प्रदर्शन किया। प्राथमिक शिक्षक संघ हल्द्वानी ब्लाक के अध्यक्ष डिकर सिंह पडियार ने कहा कोटिकरण में विसंगतियों को दूर नहीं किया जा रहा है। अफसरों की मनमानी सहन नहीं की जाएगी।
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प्रदर्शन करने वालों में राजकीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष हेमंत डूंगराकोटी, जीबी सोराडी, प्राथमिक के डिकर सिंह, संतोष जोशी, आनंदी पाल, मुकेश फुलारा, आशा नेगी, विनोद जोशी, ईश्वरी राम, विपिन विहारी आदि थे। बाद में प्रमुख सचिव शिक्षा को संबोधित ज्ञापन सीईओ को दिया।

क्या है कोटिकरण
11 बिंदुओं के आधार पर स्कूल का कोटिकरण होता है तथा स्कूल सुगम है या दुर्गम क्षेत्र में इसकी श्रेणी भी इससे तय होगी। इसके आधार पर ही शिक्षकों के  सुगम से दुर्गम में तबादले होने हैं।
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