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Haldwani: ब्लिंकिट का ऑर्डर फेल, एपीके फाइल भेजकर महिला के खाते से उड़ाए 98 हजार से अधिक

Fri, 05 Jun 2026 09:50 AM IST
गायत्री जोशी माई सिटी रिपोर्टर

सार

ब्लिंकिट पर ऑर्डर में आई तकनीकी समस्या को ठीक कराने के लिए गूगल से कस्टमर केयर नंबर तलाशना एक महिला को भारी पड़ गया। खुद को कंपनी का अधिकारी बताने वाले साइबर ठग ने एपीके फाइल भेजकर उनके बैंक खातों से 98 हजार रुपये से अधिक की रकम उड़ा ली।
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साइबर अपराध। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ब्लिंकिट पर घरेलू सामान के ऑर्डर में आई तकनीकी गड़बड़ी को ठीक कराने के लिए गूगल पर कस्टमर केयर नंबर खोजना एक महिला के लिए महंगा सौदा साबित हुआ। मदद का भरोसा देकर साइबर ठग ने पीडीएफ के बहाने एपीके फाइल भेजकर उनके बैंक अकाउंट से 98 हजार से अधिक रुपये पार कर लिए।

मुखानी के आदर्श नगर निवासी आशीष पांडे की पत्नी नूतन पांडे ने छह मई को ब्लिंकिट से घर का सामान ऑर्डर किया। ऑर्डर पूरा नहीं हुआ और एरर का मैसेज आ गया। इस पर उन्होंने 16 मई को इसका कारण जानने के लिए गूगल पर कंपनी का ग्राहक सेवा (कस्टमर केयर) नंबर तलाशा।

वहां से मिले 8730070017 नंबर पर कॉल करने पर कॉलर ने खुद को कस्टमर केयर अधिकारी बताकर पूरी जानकारी ली। फिर ऑर्डर वाले नंबर पर पीडीएफ नाम से फाइल भेजी जो कि असल में ये एपीके फाइल थी। पीडीएफ लिखा देख महिला समझ नहीं पाई और उसपर क्लिक कर दिया। कुछ ही सेकेंड में उनके आईसीआईसीआई बैंक अकाउंट से 65,210 रुपये और एक्सिस बैंक के खाते से 33,000 रुपये कट गए। इस पर उन्होंने तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।

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17 नवंबर को पकड़ा गया था एक गिरोह

नैनीताल पुलिस ने 17 नवंबर को एपीके फाइल के जरिये साइबर ठगी करने वाले एक गिरोह को ज्योलीकोट के पास पकड़ा। इसमें राजस्थान का शुभम, बुलंदशहर का पीयूष, मोदी नगर का ऋषभ और हरियाणा का मोहित राठी शामिल था। कार से 11 फोन और नौ सिम कार्ड मिले। ये आरोपी देश के विभिन्न राज्यों में एपीके फाइल भेजकर ठगी करते थे।

एपीके फाइल पर क्लिक करते ही मिल जाती है स्वीकृति

एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि कई बार लोग मोबाइल की सेटिंग की जानकारी नहीं होने की वजह ये अनजान फाइलों को भी इंस्टॉल करने की अनुमति दे देते हैं। ऐसे में यदि कभी साइबर अपराधी एपीके फाइल की मदद से ठगी की कोशिश करते हैं तो इसी अनुमति के कारण वह सीधे मोबाइल का एक्सेस ले लेते हैं। ऐसे में इस तरह की अनुमति को डिनाई करें। व्हाट्सएप की सेटिंग में ऑटोमैटिक डाउनलोड का ऑप्शन भी बंद होना चाहिए।

इन तरीको से आ सकती है एपीके फाइल

साइबर ठग एपीके फाइल भेजने के लिए कई तरीकों का इस्तेमाल करते हैं। मोबाइल के वाट्सएप या मैसेज में ये शादी के कार्ड का आमंत्रण पत्र भेज सकते हैं। जैसे ही इस पर क्लिक करेंगे आपका अकाउंट खाली हो सकता है। इसके साथ ही चालान के नाम पर भी एपीके फाइल भेजकर ठगी हो सकती है। अगर साइबर अपराध के शिकार होते हैं तो तुरंत 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

रुद्रपुर साइबर थाने से जांच के बाद तहरीर मुखानी कोतवाली में ट्रांसफर की गई। मुखानी थाने में बुधवार रात एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। - अमित कुमार सैनी , सीओ

 

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