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Exclusive: 20 हजार KM यात्रा कर तराई के जंगलों में पहुंचे ब्लैक विंग्ड स्टिल्ट, तापमान बढ़ने के बाद बदला स्थान

Sat, 12 Oct 2024 10:04 AM IST
हीरा मेहरा दीपक कापड़ी, संवाद

सार

सर्दी का मौसम शुरू होते ही सैकड़ों पक्षियों का पांच से छह माह के प्रवास पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। यहां कुनबा बढ़ाने के बाद वे लंबी यात्रा कर फिर अपने देश लौट जाते हैं।
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ब्लैक विंग्ड स्टिल्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड की गुलाबी ठंड विदेशी पर्यटकों को ही नहीं बल्कि विदेश के पक्षियों को भी काफी पसंद है। सर्दी का मौसम शुरू होते ही सैकड़ों पक्षियों का पांच से छह माह के प्रवास पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। यहां कुनबा बढ़ाने के बाद वे लंबी यात्रा कर फिर अपने देश लौट जाते हैं। प्रवासी पक्षियों के आने के बाद वन विभाग भी अलर्ट हो गया है। इनकी हर गतिविधि पर पैनी नजर रख रहा है।

ब्लैक विंग्ड स्टिल्ट पक्षी मूलत: साउथ अफ्रीका, यूरेशिया, ऑस्टेलिया, मेडागास्टर, सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड के जंगलों में पाया जाता है। अक्तूबर व नवंबर माह में वहां तापमान बढ़ने के बाद इनका कुनबा प्रवास पर उत्तराखंड के जंगलों में पहुंचने लगता है। ये पक्षी यहां पहुंचने के लिए 20 हजार किलोमीटर की लंबी यात्रा करते हैं। प्रवास पर आने के दौरान ये बहुत कम आराम करते हैं। पांच माह के प्रवास के दौरान यहां वे ब्रिडिंग करते हैं और कुनबा बढ़ाते हैं। इस पक्षी को नम भूमि और साफ झीलों के आसपास रहना पसंद है। दिखने में काफी सुंदर ये पक्षी पर्यटक और स्थानीय लोगों को काफी पसंद आते हैं।

बगुले के बीच में रहता है ब्लैक विंड स्टील्ट पक्षी

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ब्लैक विंग्ड स्टिल्ट पक्षी को दलदली भूमि पसंद है। यह प्रवास के दौरान बगुलों के बीच रहता है। इस कारण लोग इसकी पहचान नहीं कर पाते हैं। सफेद रंग के इन पक्षियों के पंख काले होते हैं इसलिए इन्हें ब्लैक विंग्ड कहा जाता है। पैर लाल रंग के होते हैं और इसकी लंबाई 38 सेंटीमीटर होती है। करीब पांच से छह माह के प्रवास के दौरान यहां छोटे-छोटे घोंसले बनाकर अंडे देते हैं और गर्मी बढ़ने के बाद अपने कुनबे के साथ प्रवास पर लौट जाते हैं।

ब्लैक विंग्ड स्टिल्ट पक्षी 15 से 20 हजार किमी की लंबी यात्रा के बाद प्रवास पर उत्तराखंड सहित कई अन्य हिस्सों में पहुंचता है। यह बगुलों के बीच में छिपा रहता है इस कारण इसे कम लोग पहचानते हैं।

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-प्रशांत कुमार, सीनियर वाइल्ड लाइफ बायोलॉजिस्ट, पश्चिमी वृत्त, हल्द्वानी

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