राज्य सहकारी दुग्ध संघ (यूसीडीएफ) के अध्यक्ष पद पर भाजपा का कब्जा हो गया है। कांग्रेस समर्थित अध्यक्ष अर्जुन रौतेला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास हुआ तो सरकार की ओर से मनोनीत राजवीर सिंह यूसीडीएफ के नए अध्यक्ष चुन लिए गए।
डीएम के आदेश के बाद सोमवार को यूसीडीएफ कार्यालय मंडी में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बैठक बुलाई गई थी। 10 बजे से शुरू होने वाले अविश्वास प्रस्ताव से पहले तरह-तरह के कायास लगाए जाने लगे। 11 बजे यूसीडीएफ प्रबंध कमेटी के छह सदस्य वहां पहुंचे।
उनके साथ सरकार की ओर से मनोनीत गैर सरकारी सदस्य राजवीर सिंह भी आए। इससे साफ हो गया था कि बोर्ड में भाजपा समर्थित राजवीर सिंह ही अध्यक्ष बनेंगे। काफी इंतजार के बाद अध्यक्ष अर्जुन रौतेला नहीं पहुंचे तो डीएम की ओर नामित चुनाव अधिकारी/ एसडीएम एपी वाजपेई ने अविश्वास प्रस्ताव में चर्चा कराई।
चर्चा में सभी सदस्यों ने अर्जुन सिंह रौतेला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में सहमति दी और प्रस्ताव पास कर दिया। इसके बाद नए अध्यक्ष को लेकर चर्चा हुई। सभी सदस्यों ने राजवीर सिंह को अध्यक्ष मनोनीत किया। चुनाव अधिकारी एपी वाजपेई ने नए अध्यक्ष को मनोनयन पत्र सौंपा।
बैठक में सामान्य प्रबंधक प्रशासन पीसी शर्मा, यूसीडीएफ के प्रबंध कमेटी के सदस्य मनोरमा बोहरा, कुंवर सिंह, रणवीर सिंह, बैजंती देवी, प्रभा रावत, चंपा रैक्वाल मौजूद रहे।
कोर्ट से भी नहीं मिली राहत
अविश्वास प्रस्ताव को लेकर यूसीडीएफ के अध्यक्ष अर्जुन सिंह रौतेला हाइकोर्ट गए थे। सोमवार को 10:30 बजे कोर्ट में सुनवाई होनी थी। कोर्ट से भी रौतेला को कोई राहत नहीं मिली।
नए अध्यक्ष का स्वागत
राजवीर सिंह के अध्यक्ष चुने जाने के बाद राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष दान सिंह रावत, नैनीताल डिस्ट्रिक्ट को-आपरेटिव बैंक के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी, भाजपा के मीडिया प्रभारी तरुण बंसल, लालकुआं दुग्ध संघ के अध्यक्ष भरत नेगी सहित कई भाजपा कार्यकर्ताओं ने यूसीडीएफ कार्यालय पहुंचकर नवनियुक्त अध्यक्ष का स्वागत किया और मिठाई बांटी।
दो दिन पूर्व सरकार की ओर से हुआ था मनोयन
दो दिन पूर्व सरकार ने राजवीर सिंह को गैर सरकारी सदस्य के रूप में मनोनित किया था। मनोनयन के बाद से ही कयास लागए जाने लग गए थे कि राजवीर सिंह यूसीडीएफ के अध्यक्ष बनेंगे। सोमवार को इन कयासों में मोहर लग गई। जब सभी प्रबंध कमेटी के सदस्य ने राजवीर सिंह के पक्ष में मतदान किया।