दो दिन चली भाजपा विधायकों और प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक गुटबाजी में ही सिमट गई। बैठक का भले ही कोई एजेंडा न हो लेकिन गुटबाजी का ही एजेंडा लेकर नेता पहुंचे थे।
पहले दिन नेताओं के दिए गए गुलाब के फूल दूसरे दिन कांटे की तरह चुभते दिखे। प्रदेश अध्यक्ष की मानें तो बैठक के एजेंडे में नेता प्रतिपक्ष का चयन शामिल था ही नहीं। बावजूद इसके तमाम विधायक और नेता प्रतिपक्ष का फैसला करा लेना चाहते थे।
नेता प्रतिपक्ष के प्रबल दावेदार बताए जा रहे हरिद्वार विधायक मदन कौशिक का नाम बैठक में उछाला गया तोे हरिद्वार के ही दो नेता विरोध में खड़े हो गए। इतना ही नहीं कुछ विधायकों ने पार्टी नेताओं से यहां तक कहा कि जिन नेताओं ने विधानसभा चुनाव में हमें हराने का काम किया था उन्हें प्रदेश में पदाधिकारी बना दिया गया।
वहीं, अनुशासनहीनता और कार्यक्रमों में दूसरों को नीचा दिखाकर अपना-अपना दबदबा दिखाने वालों का मामला भी इस बैठक में चर्चा में आया।
बैठक में विरोध का स्वर उठते ही प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट को कहना पड़ा कि नेता प्रतिपक्ष का मामला बैठक के एजेंडे में नहीं है, जबकि सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रदेश स्तरीय बैठक बिना किसी एजेंडे के कैसे संपन्न हो गई। बाद में सभी को समझाया गया कि बैठक 2017 के चुनाव को फतह करने के लिए बुलाई गई है।
जहां भाजपा 2017 के चुनाव को हर संभव जीतना चाहती है वहीं उनके ही जिला व प्रदेश स्तरीय नेता अपने-अपने आकाओं के साथ फ्लैक्सी बना अपनी हवा बनाकर गुटबाजी पैदा कर रहे हैं।
इससे पार्टी के हर स्तर पर गुटबाजी का समाधान निकालने पर भी बहस होती रही। कई लोगों ने तो नए बने संगठन के कामकाज पर ही अंगुलिया उठा दीं।
उनका कहना था कि पदाधिकारियों में प्रदेश कार्यकारिणी में कई लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने पहले विधानसभा चुनाव में पार्टी का ही विरोध किया था। ऐसे लोगों को बाहर का रास्ता दिखाने के बजाय प्रदेश संगठन में उचित पद दे पार्टी के कर्मठ कार्यकर्ताओं को ठेस पहुंचाई गई है।
इसके साथ ही हाल ही में रुद्रपुर आए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने तो कार्यकर्ताओं के ऊपर ही गुस्सा निकाला कि सरकारी कार्यक्रम की ही सूरत बिगाड़ दी। इस नाराजगी का भी जिक्र किया गया। इतना सब कुछ हो जाने के बाद भी प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट कहते हैं कि अनुशासनहीनता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दो दिवसीय बैठक संपन्न होने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिवकुमार, प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू, प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट कार्बेट पार्क बिजरानी की सैर को निकल पड़े।
बैठक की टेंशन दूर करने जब वह पार्क के नजदीक आ ही गये तो उन्होंने कार्बेट पार्क घूमने का मौका भी नहीं गंवाया। शाम की पाली में वह बिजरानी जोन में घूमे। लेकिन वहां उन्हें बाघ नहीं दिखा।