भाजपा जिलाध्यक्ष की कुर्सी में प्रदीप बिष्ट की ताजपोशी हो गई। जिलाध्यक्ष की पैरवी के लिए न सांसद की चली और न विधायक की। बाकी दिग्गजों के अरमान भी ठंडे हो गए। दावेदारों में आपस में ठन जाने का नतीजा ये निकला कि महामंत्री संगठन के नजदीकी का फायदा प्रदीप बिष्ट को मिल गया।
हल्द्वानी जिलाध्यक्ष चुनाव को लेकर घमासान मचा था। 18 दावेदार चुनाव मैदान में थे। बड़े नेताओं का सीधा दखल होने से किसी भी एक दावेदार पर आमराय नहीं बन पा रही थी। सांसद और विधायक से लेकर हर बड़ा नेता अपने चहेते को कुर्सी पर बैठाने को बेताब था।
शुक्रवार को दावेदारों की छंटनी के बाद चार प्रमुख दावेदार ही कुर्सी की दौड़ में रह गए। शनिवार को जिलाध्यक्ष की घोषणा से पूर्व दिनभर मंथन चला। मंथन एक होटल के बंद कमरे में हुआ।
जिला चुनाव अधिकारी सुरेश राठौर ने मंडल अध्यक्षों, जिला प्रतिनिधियों, पूर्व प्रदेश अध्यक्षों, विधायक, विधायक का चुनाव लड़ चुके प्रत्याशियों और बड़े नेताओं से बारी बारी आमराय से जिलाध्यक्ष के चयन पर चर्चा की और उनकी मंशा जानी, इसके बावजूद आमराय नहीं बन सकी।
जिला निर्वाचन अधिकारी के लिए भी बड़ी चुनौती थी, लिहाजा जिलाध्यक्ष की कुर्सी में ताजपोशी का फैसला संघ स्तर पर हुआ। देर शाम जिला चुनाव अधिकारी सुरेश राठौर ने भाजपा कुमाऊं संभाग कार्यालय में प्रदीप बिष्ट के जिलाध्यक्ष बनने की घोषणा कर दी।