बिंदुखत्ता को नगरपालिका बनाए जाने से उत्साहित सैकड़ों ग्रामीणों का जन सैलाब आभार रैली के रूप में सड़कों में उमड़ा। उत्साह से लबरेज ग्रामीणों ने तहसील में जनसभा कर बिंदुखत्ता को पालिका बनाए जाने का आभार जताते हुए मुख्यमंत्री हरीश रावत को बिंदुखत्ता आने का न्योता दे डाला।
बिंदुखत्ता को नगरपालिका बनाए जाने का स्वागत करते भूूमिहीन संगठन एवं विकास समिति के बैनर तले सैकड़ों लोगों का हुजूम धन्यवाद रैली के रूप में सड़कों पर उतरा। संगठन ने बिंदुखत्ता को पालिका बनाए जाने के लिए श्रममंत्री हरीश दुर्गापाल और मुख्यमंत्री हरीश रावत का आभार जताया।
इस मौके पर शहीद स्मारक पर हुई सभा में श्रम मंत्री ने कहा कि बिंदुखत्ता पालिका बनने के बाद सरकार ने क्षेत्र के विकास के लिए दो करोड़ रुपये दिए हैं। जल्द भारी भरकम बजट अवमुक्त कराया जाएगा। उन्होंने विकास विरोधी ताकतों से सावधान रहने की अपील की।
उन्होंने कहा कि अब बिंदुखत्ता क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से विकास कार्य कराये जायेंगे। भूमिहीन संगठन के अध्यक्ष धरम सिंह ने आम जनता को नगर पालिका के पक्ष बताया और कुछ बाहरी तत्वों पर विकास विरोधी लोगों से मिलकर नगर पालिका के लोगों को बरगलाने का आरोप लगाया।
संगठन के संरक्षक एवं आपदा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष प्रयागदत्त भट्ट ने कहा कि बिंदुखत्ता के लोग आज अपने संघर्षों के बूते तमाम सुविधाओं का लाभ उठा रहे है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत बिंदुखत्ता को उत्तराखंड की मॉडल नगर पालिका बनाना चाहते हैं।
भूमिहीन संगठन के महामंत्री ज्ञान सिंह गुंसाई ने नगर पालिका के विकास के लिए अविलंब दस करोड़ रुपये की स्वीकृत करने, सेंक्चुरी पेपर मिल में शासनादेश के अनुरूप रोजगार दिलाने, प्रदूषण पर रोक लगाने समेत कई मांगें रखीं। अंत में तहसीलदार के माध्यम से 15 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सीएम को भेजा।
जनसभा को बिंदुखत्ता ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष बलवंत दानू, चेयरमैन रामबाबू मिश्रा, गिरधर बम, केदार दानू, पुष्कर दानू, हेमवती नंदन दुर्गापाल, जीवन कबड़वाल, दीप जोशी, गुरदीप सिंह, देवीदत्त पांडे, हरीश बिसौती आदि ने भी संबोधित किया।