फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आज से बजेगी स्कूलों में घंटी, नवीं से 12 वीं तक की कक्षाओं में होगी पढ़ाई, एसओपी का करना होगा पालन

विज्ञापन
विज्ञापन
हल्द्वानी। शासन के आदेश के तहत जिले के सरकारी स्कूल सोमवार से खुलेंगे। स्कूलों में कक्षा नौ से 12 वीं तक की कक्षाओं के बच्चों का पठन पाठन होगा। शिक्षा अधिकारियों ने सभी स्कूलों को शासन की ओर से जारी की गई एसओपी भेज दी है। प्रधानाचार्यों से एसओपी का पालन करते हुए विद्यालयों में पठन-पाठन सुनिश्चित कराने को कहा गया है।
विज्ञापन

मुख्य शिक्षा अधिकारी केके गुप्ता ने बताया कि प्रधानाचार्यों को स्कूलों को ठीक से सैनिटाइज कर व्यवस्थित ढंग से संचालन के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि कक्षा नौ से 12 वीं तक के जिले में 189 स्कूल हैं। सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को गाइडलाइन, प्रोटोकाल के तहत विद्यालय खोलने को कहा गया है। दो पालियों में पठन-पाठन किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पिछली बार भी यह आदेश थे लेकिन पिछली बार कहीं भी दो पाली में विद्यालय में शिक्षण कार्य करने की जरूरत नहीं पड़ी। प्रधानाचार्यों को बता दिया गया है कि वह अपने विद्यालय की व्यवस्था बना लें। अगर उन्हें लगता है कि दो पाली में विद्यालय में शिक्षण कार्य किया जाना है तो वह अपनी सुविधा के अनुसार कार्यक्रम तय कर लें।
कोट
विद्यालय खोलने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। मैं तो केवल बच्चे का अगली कक्षा में प्रवेश करा रहा हूं। बच्चे को फिलहाल विद्यालय नहीं भेजूंगा। अगस्त तक विद्यालय खोलने का निर्णय नहीं लेना चाहिए था।
विज्ञापन

- जीवन सिंह अभिभावक
स्कूल खोले जा रहे हैं, यह अच्छा निर्णय है। बच्चे लंबे समय से घर पर हैं। स्कूल नियमित रूप से खुलेंगे तो उनका पठन-पाठन ठीक से हो पाएगा। सरकार के इस निर्णय का मैं व्यक्तिगत रूप से स्वागत करता हूं।
- एबरन सक्सेना अभिभावक
आज से नहीं खुलेंगे निजी स्कूल
हल्द्वानी। पब्लिक स्कूल एसोसिएशन ने सोमवार से स्कूल खोले जाने पर असहमति जताई है। स्कूल एसोसिएशन का कहना है कि एक तो उन्हें एसओपी देर से मिली है दूसरा एसओपी के तहत दो पालियों में विद्यालय संचालित किया जाना है जो संभव नहीं है।
पब्लिक स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष कैलाश भगत ने कहा कि एसओपी के तहत विद्यालयों में कई व्यवस्थाएं की जानी हैं जो एक दिन में संभव नहीं है। इसके अलावा एसओपी के तहत विद्यालय दो पालियों में संचालित किया जाना है। ऐसी स्थिति में स्कूल बस आदि का संचालन किया जाना भी संभव नहीं है। एसोपी के तहत पहले व्यवस्थाएं देखेंगे कि स्कूल खोलना संभव है या नहीं, उसी के बाद कोई निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें