डीएसए मैदान में रविवार को लगे दो दर्जन से अधिक स्टालों में जहां उत्तराखंड के विभिन्न व्यंजनों को आकर्षक ढंग से परोसा गया था, वहीं उनकी भीनी-भीनी खुशबू से वातावरण महक रहा था।
यहां आए देशी विदेशी सैलानियों समेत स्थानीय लोगों ने पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया। इस दौरान यहां लोक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोक वाद्य व लोक नृत्य भी पेश किया गया।
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की ओर से आयोजित दो दिनी उत्तराखंड फूड फेस्टिवल का शुभारंभ करते हुए मुख्य अतिथि विधायक सरिता आर्या ने कहा कि यह कार्यक्रम पर्यटन विकास के लिए मुख्यमंत्री की दूरगामी सोच का परिणाम है।
विशिष्ट अतिथि शैफ संजीव कपूर ने कहा कि वैश्विक स्तर पर पर्यटन को प्रसिद्धि दिलाने के लिए दो चीजें अहम हैं। एक पर्यटक स्थल और दूसरा वहां का खाना।
उत्तराखंड का प्राकृतिक सौंदर्य का एक विशिष्ट स्थान है। ऐसे में यदि यहां के लजीज व्यंजनों का प्रचार प्रसार हो तो प्रदेश के पर्यटन में वृद्धि स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा कि इसके लिए लोगों को घर से शुरूआत करनी होगी। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मोबाइल पर अपना संदेश देते हुए कार्यक्रम के लिए सभी को बधाईयां दी।
उन्होंने शैफ संजीव कपूर का भी आभार जताया। इस दौरान यहां बनाए गए दो दर्जन से अधिक स्टालों में कुमाऊंनी व्यंजन परोसे गए थे। संचालन मीता उपाध्याय व रुद्रप्रताप सिंह रूडी ने किया।
इस मौके पर कुमाऊं आयुक्त एएस नयाल, पालिकाध्यक्ष श्याम नारायण, पर्यटन विकास विभाग के निदेशक आरके जोशी, एसडीएम शिव चरण द्विवेदी, उप निदेशक पर्यटन जेसी बेरी, कुमंविनि जीएम सीएस मर्तोलिया, प्रवीण शर्मा, ओम प्रकाश मैद, रमेश पांडे, गीता साह, वीसी त्रिवेदी, जगदीश चंद्रा, गिरीश साह, विजय साह, किशन कौनी, दिनेश पालीवाल, यामिनी खन्ना, सुरेश गुरूरानी, गोविंद मेहरा, नजर अली, जेके शर्मा आदि मौजूद थे।