सेवा बहाली और बकाया मानदेय भुगतान की मांग को लेकर मनरेगा कर्मियों का धरना-प्रदर्शन मंगलवार को भूख हड़ताल में बदल गया। पहले दिन ओम प्रकाश और ज्योति बर्गली भूख हड़ताल पर बैठे।
जिला प्रशासन ने पिछले दिनों मनरेगा के तहत पिछले कई वर्षों से कार्य कर रहे लगभग 85 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी थी। सेवा बहाली और बकाया आठ माह के मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर मनरेगा कर्मचारी छह दिनों से विकास भवन में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी किसी ने सुध नहीं ली है। प्रशासन की उपेक्षा से गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने मंगलवार से भूख हड़ताल शुरू कर दी।
इस दौरान हुई सभा में वक्ताओं ने जिला प्रशासन के सेवा समाप्त करने संबंधी फैसले को कर्मचारी विरोधी बताया और धमकी दी कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती भूख हड़ताल जारी रहेगी। इधर, ग्राम्य विकास एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मजगाई ने कर्मचारियों की मांगों को जायज बताते हुए आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की है। मांगों के समर्थन में मनरेगा संगठन के जिलाध्यक्ष नवीन तिवारी, देवकी कांडपाल, दीपा बिष्ट, मुन्नी बिष्ट, ज्योति बिष्ट, पूजा रावत, महेंद्र कुमार, भवानी शंकर लोहनी, देवेंद्र, सूरज साह, मनीष शर्मा, राजेंद्र भट्ट आदि धरने पर बैठे।