रामनगर। कोसी नदी के पांच खनन गेटों में से दो खनन गेट बंद चल रहे है। एक गेट में तो जनवरी से वाहन जाना स्वयं ही बंद हो गए हैं, जबकि एक गेट को विभाग की ओर से 16 मार्च से बंद किया गया है।
कोसी नदी में खड़ंजा, बंजारी प्रथम, द्वितीय, कठियापुल व कालूसिद्ध पांच खनन गेट हैं। इस खनन सत्र में कालूसिद्ध 22 दिसंबर 2023, बंजारी प्रथम को 24 दिसंबर, बंजारी द्वितीय 28 दिसंबर, कठियापुल एक जनवरी 2024 और खड़ंजा गेट 3 जनवरी को खनन के लिए खोला गया था। बंजारी द्वितीय गेट में 18 जनवरी तक दिन में एक या दो वाहन ही खनन के लिए गया। इस खनन गेट में खनन के लिए 450 वाहन पंजीकृत है। बंजारी प्रथम गेट पर खनन के लिए खुला है, लेकिन इस गेट में खनन नहीं हो रहा था। इसको देखते हुए वन विभाग ने 16 मार्च से गेट को बंद कर दिया है।
गेटों पर 2200 वाहन हैं पंजीकृत
खनन गेटों में वाहनों के पंजीकरण की बात करें तो करीब 22 सौ के आसपास वाहन पंजीकृत हैं। ऐसे में बंजारी प्रथम 475, बंजारी द्वितीय 450, खड़ंजा में 420, कालूसिद्ध में 400, कठियापुल में 450 यानी 2195 वाहन पंजीकृत है।
कोसी नदी के आसपास हो रहा अवैध खनन
तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्य ने बताया कि बाजपुर व काशीपुर से लगे जुड़का क्षेत्र में राजस्व भूमि से खनन वाहन नदी में जा रहे है। नदी में अवैध खनन किया जा रहा है, जिसकी जानकारी काशीपुर व बाजपुर के स्थानीय प्रशासन को दी गई है, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हो रही है।