हल्द्वानी। हल्द्वानी में बीडीसी बैठक के दौरान ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। पूर्व में हुई बैठकों में उठाए गए प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्रवाई न होने से सदन में हंगामा हुआ। ब्लॉक प्रमुख मंजू गौड़ की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में बिजली आपूर्ति दुरुस्त न होने तक गांवों में स्मार्ट मीटर पर रोक लगाने का प्रस्ताव पास किया गया।
शुक्रवार को विकासखंड सभागार में प्रधान और बीडीसी सदस्य मांगों से संबंधित पोस्टर लेकर पहुंचे थे। ब्लॉक अधिकारियों ने पिछली बैठक की कार्रवाई का ब्योरा प्रस्तुत किया। मुख्य विकास अधिकारी अरविंद पांडे की मौजूदगी में जल जीवन मिशन के धीमे कार्यों पर नाराजगी जताई गई। अधिकारियों ने बताया कि जुलाई में बजट जारी होने पर अधूरी योजनाएं पूरी की जाएंगी। बैठक में गांवों से जिला विकास प्राधिकरण की अनिवार्यता खत्म करने की भी मांग उठी। उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड ग्रामीण प्रभाग के अभियंता एसके गुप्ता ने ट्रांसफार्मर और विद्युतीकरण कार्यों का ब्योरा दिया।
बेलबाबा, चोरगलिया और कालाढूंगी में बनेगा प्रवेश द्वार
बैठक में ब्लॉक परिसर में 250 लोगों की क्षमता वाला सामुदायिक केंद्र बनाने का प्रस्ताव पारित हुआ। राशन कार्डों के लिए ब्लॉक और न्याय पंचायत स्तर पर कर्मचारी तैनात करने की भी बात कही गई। इस दौरान सीडीओ अरविंद पांडे ने जिला प्रशासन के सीएसआर कोष से बेलबाबा, कालाढूंगी और चोरगलिया में प्रवेश द्वार बनाने की जानकारी दी।उन्होंने जल संस्थान को गांवों में पेट्रोलिंग करने के बाद पानी की लाइनों को दुरुस्त करने, एनएचएआई को बरेली रोड पर हाइवे से लगी क्षतिग्रस्त नहरों और कुलावों की मरम्मत कराने, लोनिवि को बदहाल सड़कों को दुरुस्त करने, नलकूप खंड को ट्यूबेवल खराब होने से पहले विकल्प के तौर पर एक अतिरिक्त मोटर रखने के लिए कहा।
कोरम पूरा न होने से देर से शुरू हुई बैठक
विकासखंड हल्द्वानी में 39 बीडीसी सदस्य हैं जिनमें से 24 सदस्यों से कोरम पूरा होता है। कोरम पूरा न होने के कारण शुक्रवार को बैठक 11 बजे की जगह 11:45 पर शुरू हो पाई। प्रधानों ने बैठक की शुरुआत में हस्ताक्षर करने से भी इन्कार कर दिया। प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष गोपाल सिंह अधिकारी ने छत की ओर इशारा करते हुए कहा कि पंखे खराब पड़े हैं, पैसा आता है लेकिन कोई काम नहीं होता। उन्होंने कहा कि पूर्व में सक्षम अधिकारियों के न आने पर बहिष्कार की चेतावनी दी थी। अब अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है लेकिन समाधान नहीं हुई तो आंदोलन करेंगे।