रामनगर (नैनीताल)। नगर के रिजॉर्ट में क्वारंटीन युवक ने मंगलवार दोपहर पंखे से लटककर आत्महत्या करने की कोशिश की। हालांकि, सिपाही ने दरवाजा तोड़कर युवक को बचा लिया और सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने धारा 151 के तहत मुकदमा दर्ज कर युवक को जेल भेज दिया है।
तुमड़िया डैम मालधनचौड़ निवासी युवक राजस्थान में जेसीबी चलाता था और 31 मार्च को वह राजस्थान से लौटा था। सूचना पर प्रशासन ने उसे एक अप्रैल को छोई स्थित समसारा रिजॉर्ट में क्वारंटीन कर दिया था। क्वारंटीन होने के बाद से ही वह स्वस्थ होने का हवाला देकर घर जाने की जिद कर रहा था।
उसका कहना था कि उसकी नई शादी हुई है, लिहाजा उसे घर जाने दिया जाए या पत्नी से क्वारंटीन सेंटर में मिलने की इजाजत दी जाए। मंगलवार दोपहर 12 बजे उसने रिजॉर्ट के कमरे में आत्महत्या की कोशिश की। हालांकि वहां तैनात सिपाही महबूब अली ने मुस्तैदी दिखाते हुए युवक को बचा लिया।
युवक को तुरंत सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां इलाज के बाद युवक को छुट्टी दे दी गई। कोतवाली रवि कुमार सैनी ने बताया कि युवक को रिजॉर्ट के डीलक्स रूम में बेहतर सुविधाएं मिल रहीं थीं। युवक के खिलाफ धारा 151 में मुकदमा दर्ज कर एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया। एसडीएम विजय नाथ शुक्ल ने बताया कि आत्महत्या की कोशिश करने वाले युवक को जेल भेज दिया है।
दस मिनट देर होती तो चली जाती जान
आत्महत्या की कोशिश करने वाला युवक डिप्रेशन में था और आत्महत्या करने की धमकी दे रहा था। मंगलवार दोपहर उसने अचानक अपने कमरे की कुंडी लगाकर गमछे का फंदा बनाया। इस बीच रिजॉर्ट के एक कर्मचारी ने कांस्टेबल महबूब अली को मामले की जानकारी दी।
सिपाही ने तुरंत दरवाजा खोलने का प्रयास किया, लेकिन अंदर से कोई उत्तर नहीं मिलने पर उन्होंने दरवाजा तोड़ डाला। युवक पंखे पर फंदे से लटकने ही वाला था कि सिपाही ने उसे रिजॉर्ट कर्मियों की मदद से उतारा और अस्पताल भिजवाया। अगर सिपाही ने तत्परता दिखाते हुए दरवाजा नहीं तोड़ा होता तो शायद युवक की जान न बच पाती। रिजॉर्ट में 27 लोगों को क्वारंटीन किया गया है।
लॉकडाउन बढ़ाने की सूचना से हो गया था निराश
रिजॉर्ट में क्वारंटीन युवक को उम्मीद थी कि पीएम मोदी लॉकडाउन खोलने की घोषणा कर देंगे। पर लॉकडाउन के तीन मई तक बढ़ने की सूचना मिलते ही वह टूट गया। एसएसआई जयपाल सिंह चौहान ने बताया कि युवक इतना डिप्रेशन में था कि पहले तो वह शांत रहा और फिर उसने जान देने की ठान ली।