हल्द्वानी। काठगोदाम नैनीताल सड़क को टू-लेन बनाने का मामला वन भूमि हस्तांतरण न होने के कारण फाइलों में उलझा हुआ है। यह सुलझे तो पुलों का मामला भी निपटे। दरअसल, टू-लेन का काम शुरू होने के साथ ही इस रूट के सभी पुलों को भी टू-लेन का बनाने की योजना है। मामला सुलझने से पहले काठगोदाम के बैली ब्रिज के स्थान पर पक्का पुल बनने की राह आसान नहीं है।
साल भर पहले लोनिवि के एनएच खंड ने नैनीताल-ज्योलीकोट-काठगोदाम सड़क को टू-लेन बनाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था। केंद्रीय स्तर पर प्रस्ताव के परीक्षण के बाद उसे मंजूरी दे दी गई। इसके लिए सरकार ने सात सौ करोड़ रुपये स्वीकृत किए। विभागीय स्तर पर लगभग 37 किलोमीटर सड़क का सर्वे पूरा कराया गया, लेकिन बाद में वन भूमि हस्तांतरण का मामला आड़े आ गया।
अधिकारियों के मुताबिक सड़क को टू-लेन करने के लिए यहां लगभग 78 हेक्टेयर वन भूमि चाहिए। इस भूमि पर मौजूद पेड़ों को काटने से पहले उससे दोगुने पेड़ लगाने हैं। लोनिवि के एनएच खंड के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार के मुताबिक पेड़ों की प्रतिपूर्ति के लिए कुछ स्थानों पर भूमि चयनित की गई, लेकिन वन विभाग ने उन्हें अनुपयोगी बताकर उन पर आपत्ति लगा दी। इस कारण मामले में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है।
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काठगोदाम में बैली ब्रिज के स्थान पर पक्का पुल बनाने का प्रस्ताव काठगोदाम-नैनीताल सड़क को टू-लेन करने की योजना में शामिल है। इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए विभागीय स्तर पर क्लीयरेंस लेने की प्रक्रिया गतिमान है। यह लगभग फाइनल स्थिति में है। क्लीयरेंस मिलने के बाद जल्द ही इस सड़क को टू-लेन बनाया जाएगा। तब इस रूट के सभी पुलों को भी टू-लेन चौड़ाई का बनाया जाएगा। -अजय टम्टा, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राज्यमंत्री
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नट-बोल्ट चोरी के मामले आयुक्त ने अफसरों को किया तलब
हल्द्वानी। काठगोदाम स्थित बैली ब्रिज के नट बोल्ट चोरी होने के मामले में आयुक्त दीपक रावत ने लोनिवि के एनएच खंड के अधिकारियों को आज बृहस्पतिवार को कैंप कार्यालय में तलब किया है। आयुक्त रावत ने बताया कि पिछले दिनों जब उन्होंने बैली ब्रिज का स्थलीय निरीक्षण किया था तो उन्हें बताया गया था कि ब्रिज के 70 नट बोल्ट चोरी हुए हैं। तब इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे। तहरीर दिए जाने के बावजूद पुलिस ने अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की है। रावत का कहना है कि वह इस संबंध में लोनिवि के एनएच खंड के अधिकारियों से दोबारा जानकारी लेंगें।