नैनीताल। न्यूनतम वेतन, मानदेय, पेंशन और कर्मचारी का दर्जा देने समेत 11 सूत्री मांगों के लिए उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। आशा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांगों के जल्द समाधान की मांग उठाई। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस ने मल्लीताल क्षेत्र से प्रदर्शन कर रही आशा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर नजरबंद कर दिया।
यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल ने बताया कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न अभियानों और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार सेवाएं दे रही हैं लेकिन उन्हें काम के अनुरूप मानदेय नहीं मिल रहा है। उन्होंने वर्ष 2021 में किए गए वादे के अनुसार मासिक मानदेय 11,500 रुपये करने, न्यूनतम वेतन लागू करने, कर्मचारी का दर्जा देने और सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन की व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पेंशन लागू होने तक सेवानिवृत्त होने वाली आशाओं को 10 लाख रुपये एकमुश्त दिए जाएं। कमला कुंजवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री के वापसी के समय आशा कार्यकर्ताओं को उनसे मुलाकात का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने अपनी मांगें रखीं और समाधान की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि विधानसभा चुनाव से पहले मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो यूनियन अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करेगी। इस दौरान दुर्गा टम्टा, निर्मला चंद्रा, सरिता कुरिया, चंद्रा सती व नीलम मौजूद थे।