सेना के काम में वन भूमि संबंधी कोई अड़चन और देरी न हो, इसके लिए केंद्र सरकार ने विशेष पहल की है। केंद्र के मिनिस्ट्री ऑफ इनवायरमेंट एंड क्लाइमेट चेंज ने सेना के ऑप्टिकल फाइबर बिछाने के लिए अलग से आदेश किया है। यह आदेश तराई केंद्रीय वन प्रभाग कार्यालय में पहुंच गया है।
वन भूमि प्राप्त करने के लिए प्रयोक्ता एजेंसी को लंबी प्रक्रिया पूरी करनी होती है। राज्य सरकार से लेकर केंद्र तक फाइल जाती है, तब कहीं जाकर अनुमति मिल पाती है। हालांकि इस काम में तेजी लाने के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू की गई है, लेकिन मिनिस्ट्री ऑफ इनवायरमेंट एंड क्लाइमेट चेंज ने सेना के एक प्रकरण में विशेष व्यवस्था की है।
सूत्रों के अनुसार सेना संचार व्यवस्था मजबूत करने के लिए ऑप्टिकल फाइबर बिछाना चाहती है, जिसके लिए केंद्र सरकार ने विशेष अनुमति प्रदान की है। इसके चलते वन विभाग की आपत्ति, अड़चन आड़े नहीं आ सकेगी।
सड़क खोदने लगे, नहीं ली एनओसी
हल्द्वानी। नैनीताल रोड पर एक दूर संचार कंपनी आप्टिकल फाइबर डालने के लिए सड़क को खोद रही है। सड़क का डामरीकरण हुए अभी ज्यादा दिन नहीं हुए हैं। सड़क खोदने से पहले लोनिवि के अलावा वन विभाग से भी एनओसी लेनी चाहिए, लेकिन जिस ठेकेदार को काम दिया गया है, उसने वन विभाग से अनुमति नहीं ली है। एसडीओ आरसी कांडपाल कहते हैं कि अनुमति नहीं ली है। इस मामले की जांच कराई जा रही है।