रामनगर के भवानीपुर खुल्बे पीरूमदारा निवासी फौजी देवेंद्र सिंह रावत का फाइल फोटो।
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रामनगर/काशीपुर । मौसी के बेटे की शादी से स्कूटी से लौट रहे हवलदार की अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मौत हो गई, जबकि दोनों बेटियां घायल हो गईं। हादसे में घायल बेटियों का काशीपुर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। काशीपुर में पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को हवलदार का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मूलरूप से पौड़ी गढ़वाल के धूमाकोट तहसील के डुडेरा गांव निवासी देवेंद्र सिंह रावत (40) पुत्र बचे सिंह का परिवार छह साल से पीरूमदारा के भवानीपुर खुल्बे में रहा है। देवेंद्र भारतीय सेना में बंगाल इंजीनियर ग्रुप की 59 यूनिट जबलपुर में हवलदार पद पर तैनात थे। 11 अक्तूबर को वह छुट्टी पर घर आए थे और चार नवंबर को जबलपुर जाना था। रविवार को नया झिरना में उनकी मौसी के लड़के की शादी थी। विवाह समारोह में वह 13 वर्षीय बेटी निहारिका और 12 वर्षीय रितिका के साथ शामिल होने गए थे। पत्नी रीना रावत और बेटा आयुष (5) घर ही थे।
रात करीब पौने 11 बजे शादी से लौटते समय हिम्मतपुर चौराहे पर उनकी स्कूटी को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही दोनों बेटियां छिटककर सड़क किनारे गिर गईं, जबकि वह सड़क पर गिर गए। इसी दौरान सामने से आ रहे अज्ञात वाहन ने उन्हें कुचल दिया। राहगीरों ने सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने 108 एंबुलेंस की मदद से पिता-बेटियों को काशीपुर अस्पताल भिजवाया।
काशीपुर अस्पताल में डॉक्टरों ने देवेंद्र को मृत घोषित कर दिया, जबकि दोनों बेटियों का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। काशीपुर में फौजी के शव का पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद शव को पीरूमदारा लाया गया और रामनगर श्मशान घाट में परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार किया। पीरूमदारा चौकी प्रभारी कवींद्र शर्मा ने बताया कि अज्ञात वाहन की टक्कर से हादसा हुआ है। वाहन की तलाश की जा रही है।