कालाढूंगी/भीमताल। यदि कालाढूंगी और आसपास के क्षेत्र में किसी व्यक्ति को कुत्ता काट ले तो उसे एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए हल्द्वानी या रामनगर जाना पड़ रहा है। कारण यह है कि कालाढूंगी सरकारी अस्पताल में पिछले काफी समय से एंटी रेबीज वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुत्तों के काटने की घटनाएं लगातार हो रही हैं लेकिन अस्पताल में वैक्सीन न होने से मरीजों और परिजनों को तत्काल इलाज के लिए दूसरे शहरों की दौड़ लगानी पड़ रही है। इससे समय और धन दोनों की परेशानी बढ़ रही है। जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल की ओर से एंटी रेबीज वैक्सीन की मांग जिले को भेज दी गई है। तब तक लोगों को हल्द्वानी या रामनगर जाकर ही टीका लगवाना पड़ेगा। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भीमताल में बीते कुछ समय से एंटी रेबीज के इंजेक्शन खत्म होने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगाने के लिए मरीजों को हल्द्वानी के प्राइवेट अस्पतालों में चक्कर लगाना पड़ रहा है। भीमताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. हेमंत मर्तोलिया ने बताया कि रेबीज के इंजेक्शन हल्द्वानी से नहीं आ पा रहे हैं। उच्चाधिकारियों को अवगत कराकर इंजेक्शन उपलब्ध कराने को कहा गया है। संवाद
बेस अस्पताल में उपलब्ध हैं एंटी रेबीज इंजेक्शन
हल्द्वानी। कुत्ते-बिल्ली के काटने के मामले कम नहीं हो रहे हैं और लोग घायल होकर इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। बेस अस्पताल में हर रोज बड़ी संख्या में लोग एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। पीएमएस केएस दताल ने बताया कि हर रोज कई लोग एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगाने पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में एंटी रेबीज के इंजेक्शन उपलब्ध हैं। संवाद